रामपुर। विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में सरगर्मियां तेज हो गईं हैं। ऐसे में रामपुर में राजनीतिक दलों का चुनावी एजेंडा क्या होगा। जाति-धर्म और बयानों पर सियासत होगी या फिर जनता से जुड़े अहम मुद्दे चुनावों में हावी रहेंगे। सत्तारुढ़ दल भाजपा ने करीब साढ़े चार साल में रामपुर के लिए क्या किया और विपक्ष सरकार के कामों को किस तरह देखता है। इन सवालों के जवाब जानने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम शनिवार को राजनेताओं के बीच पहुंचा।
शनिवार को दोपहर तीन बजे सिविल लाइंस स्थित आंबेडकर पार्क में अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम आया, तो तमाम राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि अपनी पार्टी का पक्ष लेकर पहुंच गए। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारियों के साथ उनके समर्थक भी मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने कोविड काल के कामों और महिला सुरक्षा से लेकर विकास कार्यों का दावा ठोका तो विपक्ष ने बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और उद्योगों का मुद्दा उठाते हुए भाजपा के दावों को खारिज किया।
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किस दल के नेता ने क्या रखी बात -
-समाजवादी पार्टी -
-समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने कहा कि सपा सरकार में मंत्री रहते हुए आजम खां ने बड़े काम कराए। रामपुर की चौड़ी सड़कें, खूबसूरत जौहर विश्वविद्यालय, पानी की टंकियां, तटबंधों का निर्माण आदि कार्य किए। उद्योगों को लेकर कहा कि रामपुर में एक समय बड़े पैमाने पर उद्योग थे, लेकिन आज अधिकांश उद्योग बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में विरोधी दलों के नेताओं के खिलाफ राजनीतिक द्वेष भावना के तहत कार्रवाई की जा रही है।
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-भारतीय जनता पार्टी -
- भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी राजीव मांगलिक ने सरकार के विकास कार्य गिनाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार समावेश विकास पूरक सरकार है। किसी के खिलाफ राजनीतिक द्वेष भावना के तहत कार्रवाई नहीं की गई है, बल्कि यदि किसी ने गलत किया है, तो उसे सजा जरूर मिली है। रामपुर के एक नेता ने सियासी लाभ के लिए रामपुर के उद्योगों को बंद करा दिया। लालपुर पुल को सिर्फ अपने फायदे के लिए नया पुल बनने से पहले ही तोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कोविड काल में लोगों को निशुल्क राशन से लेकर समुचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था की गई तो जिले भर में सड़कों पर काम हुआ। आज महिलाएं सुरक्षित हैं और किसी भी वक्त घर से अकेले कहीं भी जा सकती हैं।
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कांग्रेस -
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र देव गुप्ता ने औद्योगिक विकास, कानून व्यवस्था, महिलाओं के अधिकार, सांप्रदायिकता, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सपा और भाजपा दोनों को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। साथ ही जिले में कांग्रेस को कम से कम चार विधानसभा सीटें जिताने का दावा भी कर दिया। उन्होंने यह भी माना कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों का बखान नहीं किया, जिसकी वजह से यह स्थिति खड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की केंद्र सरकार में शिलान्यास हुए कामों को भी भाजपा अपने नाम से गिना रही है। उन्होंने लालपुर पुल का मुद्दा भी उठाया। कहा कि लालपुर पुल सपा सरकार में तोड़ा गया और भाजपा सरकार ने साढ़े चार साल से अधिक वक्त तक इसे नहीं बनवाया। जिससे करीब पांच लाख की आबादी का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा हुआ है।
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बहुजन समाज पार्टी -
-बसपा से सेक्टर प्रभारी शहाब खां ने पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में गरीबों के लिए कांशीराम आवास बनाए गए। कानून व्यवस्था बेहतर थी, लेकिन भाजपा और सपा सरकार में आतंक मचा रहा। बिजली और बाइकों की चेकिंग इस तरह होती है, जैसे कोई बड़ा गुनाह हो गया हो। लेकिन, बसपा सरकार में रामपुर से विधायक नहीं मिला, फिर भी विकास कार्य हुए। किन्तु, अब नगर पालिका की ओर से बिजली, पानी आदि का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने रोजगार और उद्योग धंधों के लिए भी कुछ नहीं किया। भाजपा बताए कि जिले में उन्होंने कितने उद्योग बढ़ाए।
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राष्ट्रीय लोकदल -
-राष्ट्रीय लोकदल से तारिक परवेज ने कहा कि भाजपा ने सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया है। लोकतांत्रिक देश में बुुलडोजर की धमकी दी जाती है। लोगों को बेवजह जेलों में बंद कर दिया जाता है।
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इन्होंने भी रखी बात
-भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष ऋषभ ठाकुर, आशु गुप्ता, सविता सक्सेना, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पारुल गुप्ता, कांग्रेस से शहर अध्यक्ष नौमान खां, फैसल खां, महेंद्र पाल सिंह यदुवंशी, दामोदर गंगवार, बसपा से सदाकत हुसैन, राजेश प्रकाश सैनी समेत तमाम कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी बात रखी।