स्वार (रामपुर)। कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार रात दो ट्रकों की आमने-सामने से भिड़ंत हो गई। हादसे में एक ट्रक के चालक और हेल्पर की मौत हो गई,जबकि दूसरे ट्रक का चालक गंभीर है। घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
हादसा क्षेत्र के गांव मधुपुरी के निकट शुक्रवार रात करीब ढाई बजे हुआ। स्वार क्षेत्र के मिलक काजी गांव निवासी ट्रक चालक अनस (21) पुत्र अबरार हुसैन व अजीमनगर थाना क्षेत्र के परचई निवासी हेल्पर फुरकान अली (22) के साथ स्टोन क्रशर से माल भरकर रामपुर जा रहा था। जबकि, दूसरा ट्रक रामपुर की ओर से लकड़ी भरकर उत्तराखंड जा रहा था। जैसे ही ट्रक चालक स्वार-रामपुर मार्ग स्थित मधुपुरी के निकट पहुंचे, दोनों ट्रकों की आमने-सामने से टक्कर हो गई।
पुलिस के मुताबिक दोनों ट्रक तेज रफ्तार में थे। इस दौरान लकड़ी भरे ट्रक चालक ने किसी वाहन को ओवरटेक किया। इससे ट्रक अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गया। जिसमें मौके पर ही चालक अनस की मौत हो गई, जबकि जिला अस्पताल ले जाते वक्त हेल्पर फुरकान की मौत हो गई। वहीं, हादसे में दूसरे ट्रक का चालक सदर तहसील क्षेत्र निवासी सौरभ कुमार पुत्र कमल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर स्वार कोतवाली पुलिस व अजीमनगर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
बमुश्किल फंसे ट्रकों में से घायल और शव को निकाला गया। पुलिस ने घायल को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा है। कोतवाल रूम सिंह बघेल ने बताया की हेल्पर का पोस्टमार्टम कराने के लिए शव जिला चिकित्सालय भेजा है। जबकि, मृतक चालक अनस के बिना पोस्टमार्टम के ही शव को घर ले गए। कोतवाल रूम सिंह बघेल ने बताया कि मृतक हेल्पर फुरकान के भाई इरफान अली की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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हादसे के दौरान तेज हुई आवाज, आसपास के ग्रामीण पहुंच गए मौके पर
ट्रकों की आमने-सामने की भिड़ंत इतनी भयानक थी कि दूर तक आवाज गूंज गई और मौके पर ग्रामीणों व राहगीरों का जमावड़ा लग गया। सूचना पर तत्काल सीओ धर्मसिंह मार्छल व दो थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों ट्रकों के केबिन में बुरी तरह फंसे मृतकों व घायलों को मुश्किल से बाहर निकाला। ग्रामीणों के अनुसार हादसे के बाद लकड़ी भरे ट्रक में से एक युवक निकल कर कहीं चला गया, उसे कोई गंभीर चोट नहीं थी। पुलिस आशंका जता रही है कि संभवत: यह युवक दूसरे ट्रक का हेल्पर हो।
खींचकर ले गई मौत
परिजनों का कहना है कि सप्ताह भर से फुरकान घर पर ही था। वह एक सप्ताह बाद ट्रक पर गया था। काफी मना किया, लेकिन ट्रक पर जाने की जिद पर अड़ गया। लेकिन, उन्हें क्या पता कि मौत खींचकर ले जा रही है। अगर ट्रक पर नहीं जाता तो वह बच जाता, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है।