यतीमखाना प्रकरण के एक मामले में मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में तारीख तय थी। इस दौरान एक मुकदमे के वादी मोहम्मद मुन्ने उर्फ अकरम ने कोर्ट में गवाही दी। आजम खां के अधिवक्ता ने गवाह से जिरह की।
सपा नेता आजम खां से जुड़े यतीमखाना प्रकरण के एक मामले में मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान मुकदमे के वादी ने कोर्ट में गवाही दी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने उनसे जिरह की। उनकी जिरह पूरी नहीं हो सकी है। अब इस मामले की सुनवाई बुधवार 13 जुलाई को भी जारी रहेगी।
विज्ञापन
मंगलवार को यतीमखाना प्रकरण के एक मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में तारीख तय थी। जिसमें मामले को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान एक मुकदमे के वादी मोहम्मद मुन्ने उर्फ अकरम ने कोर्ट में गवाही दी। आजम खां के अधिवक्ता ने गवाह से जिरह की। उनकी जिरह पूरी नहीं हो सकी है। सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने बताया कि अब इस मामले में 13 जुलाई को कोर्ट में सुनवाई होगी।
साल 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इस प्रकरण में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे।