रामपुर में गुरुवार को पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां के खिलाफ गंज थाने में दर्ज तीन मामलों में जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई हुई थी। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अरूण प्रकाश सक्सेना ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त करने की अपील की थी। जिसके बाद कोर्ट ने तीनों जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए हैं।
सपा नेता आजम खां के करीबी व पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां को कोर्ट से फिर झटका लगा है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद उनके तीन मामलों में जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए हैं। अब तक उनके आठ जमानत प्रार्थना पत्र खारिज हो चुके हैं।
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गुरुवार को अजहर अहमद खां के खिलाफ गंज थाने में दर्ज तीन मामलों में जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई हुई थी। एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल को राजनैतिक रंजिश के चलते फंसाया गया था। जबकि अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अरूण प्रकाश सक्सेना ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त करने की अपील की थी। जिसके बाद कोर्ट ने तीनों जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए हैं।
पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां के खिलाफ गंज थाने में साल 2019 में 12 मामले दर्ज किए गए थे। इसके साथ ही उनके खिलाफ कोतवाली थाने में पांच और सिविल लाइंस थाने में भी दो मुकदमे दर्ज हैं। मुकदमे दर्ज होने के बाद से ही अजहर अहमद खां फरार चल रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने 23 अगस्त 2020 को उनकी कुर्की तक कर ली थी। लेकिन इसके बाद भी वह पुलिस के हाथ नहीं आए। जिस पर पुलिस ने उन्हें भगोड़ा घोषित करते हुए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। उन्होंने 16 मार्च को मुरादाबाद कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था।