रामपुर। किसी को बिजली विभाग ने 16 लाख रुपये का भारी भरकम बिल भेज दिया, तो किसी को बीमाधन का क्लेम नहीं मिला। मामले जब उपभोक्ता फोरम पहुंचे, तो तुरंत निस्तारित कर दिए गए। उपभोक्ताओं को न्याय मिलने के साथ ही संबंधित विभागों को कमियां दूर करने एवं उपभोक्ताओं क्षतिपूर्ति अदा करने के भी आदेश दिए गए।
वह भी ऐसे हालात में जब डेढ़ साल तक उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन का पद रिक्त था। 16 अक्तूबर 2021 को अध्यक्ष देवीशंकर श्रीवास्तव की नियुक्ति होने के बाद उपभोक्ताओं को फटाफट न्याय मिलना शुरु हो गया। सालों से न्याय की आस में बैठे उपभोक्ताओं को जब न्याय मिला, तो वे इससे संतुष्ट दिखाई दिए। अध्यक्ष की नियुक्ति होने के बाद बीते तीन माह की बात की जाए तो उपभोक्ता फोरम में 145 केस दर्ज हुए हैं। इसके अलावा पांस मुकदमे प्रकीर्ण वाद हैं। इससे पहले 472 वाद लंबित थे। जिसमें इजरा 106, प्रकीर्ण वाद 27 शामिल हैं। इन वादों के निस्तारण में भी तेजी दिखाई दी। फोरम के अध्यक्ष ने अक्तूबर माह में 69, नवंबर माह में 91, जबकि 23 दिसंबर 2021 तक 31 वाद निस्तारित किए गए।