कैश का संकट रविवार को और बढ़ा रहा। बैंकों में छुट्टी थी और एटीएम भी खाली थे, कैश के लिए लोग भटकते रहे,लेकिन कैश की दिक्कत कम नहीं हुई। कैश न मिलने से लोग खासा परेशान दिखे। जिले के करीब 90 फीसदी एटीएम अब पूरी तरह से पब्लिक के लिए बेकार साबित हो रहे हैं।
नोटबंदी के 46 दिन गुजर चुके हैं। मगर, लोगों को राहत नहीं मिल रही है। रविवार को बैंकों में छु्ट्टी थी लोगों का सहारा एटीएम होना चाहिए था,लेकिन एटीएम भी चालू नहीं थे।जरूरतभर का खर्चा चलाने के लिए कैश की जरूरत पड़ रही थी,लेकिन कैश हाथ नहीं आ रहा था।
कैश निकालने के लिए भी लोग कभी इस एटीेएम पर तो कभी दूसरे एटीएम पर दौड़ लगा रहे थे। मगर, किसी भी एटीएम पर कोई कैश नहीं मिल पा रहा था। लोग भटक रहे थे,लेकिन सभी की हालत एक जैसी नजर आ रही थी। कहीं एटीएम बंद था तो किसी का शटर खुला हुआ था लेकिन कैश नहीं था। एटीएम में कैश न होने से लोग भटकते हुए नजर आए,जिससे लोगों को खासी दिक्कत आती रही। लोगों की दिक्कत को कोई समझने की कोशिश नहीं कर रहा है। जिले में इस वक्त करीब 95 फीसदी एटीएम पूरी तरह बंद पड़े हैं,जिसकी वजह से लोग परेशान नजर आ रहे हैं।