रामपुर/शाहबाद/बिलासपुर। कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सोमवार को भारत बंद का एलान किया गया है। लिहाजा, किसानों ने भारत बंद को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। सोमवार को किसानों ने शहर से लेकर गांवों एवं कस्बों में भ्रमण किया। किसान संगठन पूरे दिन तैयारियों में लगे रहे। लोगों से संपर्क कर भारत बंद को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।
कृषि सुधार कानून वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसान संगठनों ने सोमवार को भारत बंद का ऐलान किया है। इसके लिए किसान संगठनों के पदाधिकारी कई दिन से तैयारी कर रहे हैं। रविवार को भी जिलेभर में किसान संगठनों ने जनसंपर्क और छोटी छोटी पंचायतें कर भारत बंद को सफल बनाने की रणनीति बनाई। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने बताया कि सोमवार की सुबह पहले कार्यकर्ता जिला कार्यालय पर एकत्र होकर आंबेडकर पार्क पहुंचेंगे। आंबेडकर पार्क के सामने सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन होगा। जाम भी लगाया जाएगा। कृषि सुधार कानून वापस लेने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। आंदोलन को सफल बनाने के लिए भाकियू के वाहन, ऑटो आदि बाजार में भारत बंद का प्रचार करते हुए नजर आए। वहीं, भारतीय किसान यूनियन अंवाबता की ओर से प्रत्येक तहसील और कस्बे में बाजार बंद करने का आह्वान किया जाएगा। संगठन के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनीफ वारसी ने बताया कि जिलेभर में कार्यकर्ता बाजार बंद कराकर कार्यालयों पर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे। भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता के युवा प्रदेश अध्यक्ष उस्मान अली पाशा ने बताया कि उनके संगठन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन पर कृषि सुधार कानून वापस लेने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे।
शाहबाद में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला संगठन मंत्री फौजी बुंदू अहमद व नगर अध्यक्ष अखलाक हुसैन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मेन मार्केट में दुकानदारों से बाजार बंद रखने का आह्वान किया। कहा कि सोमवार को दुकानदार अपनी दुकान बंद करके भारत बंद का सहयोग करें। इस मौके पर दरियाव सिंह यादव, हाजी मतलूब, सरताज, मोहसीन, फैजान, सरफराज, नसीम समेत कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बिलासपुर मे तराई किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि कल 27 सितंबर को संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर पूरा देश बंद रहेगा। बंद के दौरान ट्रांसपोर्ट, बैंक, शिक्षण संस्थाएं दुकानें और यातायात बंद रहेगा। आवश्यक सेवाएं जैसे मेडिकल, एंबुलेंस, मरीज, विवाह समारोह आदि को बंद से बाहर रखा जाएगा। कार्यक्रम सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। बंद के दौरान किसी भी साथी को असुविधा न हो इसका भी ध्यान रखा जाए शांतिपूर्वक बंद रहेगा कहीं भी कोई भी साथी टकराव नहीं करेगा। तमाम व्यापारिक एवं अन्य संस्थाओं का पूर्ण समर्थन है। बाजार में घूम कर व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद करने की अपील करेंगे। इस बंद के कार्यक्रम को तमाम राजनीतिक दलों का भी समर्थन प्राप्त है। संयुक्त मोर्चे के मंच को कोई भी राजनीतिक व्यक्ति साझा नहीं कर सकेगा। राजनीतिक दल अपना- अलग मंच लगाकर सभा कर सकते हैं।