सपा नेता आजम खां के खिलाफ शहर कोतवाली में दर्ज यतीमखाना प्रकरण से संबंधित तीन मामलों और गंज थाने में दर्ज डूंगरपुर बस्ती प्रकरण से संबंधित नौ मामलों की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान आजम खां कोर्ट में पेश हुए, जहां पर उन्होंने केस से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए। लेकिन पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब यतीमखाना प्रकरण के तीन मामलों और डूंगरपुर प्रकरण के नौ मामलों में अगली सुनवाई क्रमशः आठ जुलाई और 12 जुलाई को होगी।
साल 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था।
इस प्रकरण में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इस मामले में ही आजम खां के खिलाफ भैंस चोरी तक के आरोप लगे। हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है। इसके साथ ही डूंगरपुर बस्ती में रहने वाले लोगों ने आजम खां और कुछ सपाइयों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे। आजम खां पर आरोप लगाया था कि उनके इशारे पर बस्ती के लोगों से मारपीट, लूटपाट कर उनके मकानों को ध्वस्त कर दिया गया था। इसमें आजम खां समेत कई सपाई आरोपी हैं। इस मामले में गंज थाने में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिनमें सभी मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।
मंगलवार को इन प्रकरणों में एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में सुनवाई होनी थी, जिसके लिए आजम खां कोर्ट पहुंच गए। वहां उन्होंने केस से संबंधित सभी फाइलों पर हस्ताक्षर किए। लेकिन पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने बताया कि यतीमखाना प्रकरण के तीन मामलों में आठ जुलाई और डूंगरपुर बस्ती प्रकरण के नौ मामलों में अगली सुनवाई 12 जुलाई को सुनवाई होगी।