मामले की जानकारी मिलते ही सिविल लाइंस इंस्पेक्टर लव सिरोही, थाना कोतवाली इंस्पेक्टर गजेंद्र त्यागी गांधी समाधि पर पहुंच गए। उन्होंने इसकी जानकारी प्रशासनिक अफसरों को दी। जिसके बाद नगर मजिस्ट्रेट सत्यम मिश्रा भी वहां पहुंच गए। उन्होंने विधायक को समझाया। कहा कि बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, जो गलत है। अब्दुल्ला आजम ने कहा कि हम किस कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। कोई नारेबाजी हो रही है क्या। हमारा समय निश्चित है। जिसके बाद हम चले जाएंगे।
सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि ये भी एक तरह से प्रदर्शन ही है। आपको हटना होगा, लेकिन तब तक उनका समय पूरा हो गया, जिसके बाद वे चले गए। इस दौरान अब्दुल्ला आजम ने कहा कि रामपुर जिला प्रशासन संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रहा है। लोकतंत्र में हमें विरोध करने तक की इजाजत नहीं मिल रही है। क्या हालात हो गए हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर भी कई कटाक्ष किए।