रामपुर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर हाईकोर्ट ने अधीनस्थ न्यायालयों के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत न्यायालय 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे। न्यायालय निर्धारित तिथि को ही खुलेंगे, जिसमें वादकारियों का कोर्ट में प्रवेश निषेध कर दिया है। हालांकि, गर्भवती महिला कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों के लिए कोर्ट आने से छूट रहेगी। मसलन, वे घर रहकर भी अपना कार्य कर सकते हैं।
कोरोना संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। प्रदेशभर में कोरोना संक्रमितों की तादाद दिन व दिन बढ़ती जा रही है। जिससे कोर्ट की सुनवाई भी प्रभावित हो रही है। हाईकोर्ट से जारी किए गए दिशा निर्देशों के मुताबिक प्रभारी जिला जज धीरेंद्र कुमार ने आदेश जारी किए हैं कि न्यायालय निर्धारित तिथि के अनुसार ही खुलेंगे। इसके लिए दिनांक के अनुसार न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। निर्देशों के अनुसार न्यायालय 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ खुलेंगे, जिसमें वादकारियों का प्रवेश पूर्णतया वर्जित रहेगा। अति आवश्यक प्रकरण में वादकारी का न्यायालय परिसर में प्रवेश जनपद न्यायधीश की अनुमति से होगा। कार्य समाप्त होने के बाद परिसर छोड़ना होगा। इस बीच कोर्ट में गर्भवती महिला कर्मियों व न्यायिक अधिकारियों को कोर्ट आने से छूट रहेगी। कर्मचारियों को घर से कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाएगी।