रायबरेली। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन व उत्तर प्रदेश मिड-डे मील वर्कर्स का संयुक्त सम्मेलन रविवार को राना कांप्लेक्स में हुआ। इसमें प्रमुख रूप से बकाया मानदेय को लेकर चर्चा हुई।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अगर बकाया मानदेय का भुगतान न किया गया तो 28 अक्तूबर को जिला मुख्यालय पर घेराव किया जाएगा। सम्मेलन में जिलेभर से आई आशा और रसोइयों ने भाग लिया।
उपाध्यक्ष गीता मिश्रा ने कहा कि दो हजार मानदेय है। समय से भुगतान नहीं हो रहा है। अन्य भुगतान भी लंबित रहते हैं। मनमाने ढंग से आधा-अधूरा भुगतान होता है। बताया कि आशा बहनों को तीन महीने का मानदेय बकाया है। इसके अलावा कई और भुगतान भी लंबित हैं।
इसी तरह रसोइयों को सात महीने से मानदेय नहीं दिया गया है। सह सचिव सरिता त्रिपाठी ने कहा कि अपने सम्मान और मेहनत के पूरे दाम के लिए लड़ना होगा। सुशीला ने कहा कि भुगतान के साथ-साथ हमारे न्यूनतम वेतन सेवा नियमावली निर्मित करने जैसे प्रश्न हैं, जिनके लिए कठिन संघर्ष करना होगा।
सम्मेलन के अंत में मानदेय का भुगतान न होने की दशा में 28 अक्तूबर को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन और घेराव करने का निर्णय लिया गया। जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन आंदोलन भी छेड़ा जाएगा।
ऐक्टू के प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने भी विचार व्यक्त किए। सम्मेलन की अध्यक्षता आशा संगठन की जिलाध्यक्ष अनीता मिश्रा एवं मिडडे मील वर्कर्स की अध्यक्ष सुशीला ने की। संचालन सचिव सावित्री ने किया। इस मौके पर रेखा, राधा राजपूत, कुसुम, गीता देवी आदि मौजूद रही।