बछरावां (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र के दुंदगढ गांव में बनी गोशाला का गेट आखिरकार खोल दिया गया। पहले दिन रविवार को यहां पर 165 मवेशियों को बंद किया गया। वैसे तो यह गोशाला दो महीने पहले ही बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते इसे खोला नहीं गया था।
अमर उजाला ने इस समस्या को चार अक्तूबर के अंक में गोशाला तैयार, फिर भी फसल चट कर रहे छुट्टा मवेशी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद गोशाला का गेट खोला गया। इस पर किसानों ने राहत की सांस ली।
दुदंगढ़ में बनी गोशाला 250 मीटर लंबी और 120 मीटर चौड़ी है। यहां पर 320 मवेशी रखे जाने की क्षमता है। सेहगों पश्चिम गांव प्रधान दीपक कुमार, पूर्व प्रधान विनोद चौधरी, अमर सिंह, विकास पटेल, शिवकुमार, कृष्ण बहादुर ने बताया कि यहां पर गोशाला बनने से किसानों को काफी राहत मिलेगी। क्योंकि अब उनकी फसल चट होने से बच जाएगी।
गोशाला का गेट खोल दिए जाने से पहले दिन 165 मवेशी बंद किए गए। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गोशाला को खोल दिया गया है। गोशाला की सुविधाओं व संचालन की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत की है।