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नए ट्रैक को मिली हरी झंडी, दौड़ने लगीं ट्रेनें

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रायबरेली। गंगागंज से रूपामऊ के बीच दोहरीकरण के तहत बिछाए गए विद्युतीकृत रेल लाइन को सीआरएस के निरीक्षण के बाद हरी झंडी मिल गई है। अब इस ट्रैक से ट्रेनों का आवागमन शुरू हो गया है।
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मंगलवार देर शाम सीआरएस ने लगभग 130 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल लिया। इसके बाद रात में पहली ट्रेन के रूप में अप लाइन से काशी विश्वनाथ और डाउन लाइन से नीलांचल एक्सप्रेस को दौड़ाया गया। अब लखनऊ से अमेठी के बीच ट्रेनों का आवागमन सुचारु रूप से हो सकेगा। ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए स्टेशनों पर ज्यादा देर तक रोकना नहीं पड़ेगा।
उतरेटिया-रायबरेली-अमेठी सेक्शन पर 125.7 किमी. रेल पथ का दोहरीकरण, विद्युतीकरण होना था। इसमें 108.96 किमी. रेल पथ का दोहरीकरण-विद्युतीकरण होने के बाद ट्रेनों का संचालन काफी पहले से हो रहा है।
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सेक्शन में रूपामऊ से रायबरेली होते हुए गंगागंज तक करीब 16.9 किमी. रेल पथ का दोहरीकरण-विद्युतीकरण अब पूरा कराया गया तो सीआरएस ने निरीक्षण और स्पीड ट्रायल लेकर इसे भी हरी झंडी दे दी।
मंगलवार को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त एसके पाठक ने निरीक्षण करने के बाद देर शाम 130 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाकर स्पीड ट्रायल लिया। उनके लखनऊ पहुंचते ही गंगागंज-रूपामऊ दोहरीकरण को हरी झंडी मिल गई। इसके बाद रात से ही ट्रेनों का आवागमन शुरू हो गया।
नए ट्रैक से पहली ट्रेन के रूप में गाड़ी संख्या 05127 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को अप लाइन से और फिर गाड़ी संख्या 02876 नीलांचल एक्सप्रेस को डाउन लाइन से दौड़ाया गया। इसके बाद गाड़ी संख्या 04207 पद्मावत एक्सप्रेस चलाई गई।
सीआरएस के निरीक्षण को देखते हुए तीनों ही गाड़ियां पिछले स्टेशनों पर रोक-रोक कर चलाई गईं, जिससे काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस पौने तीन घंटे, नीलांचल एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे और पद्मावत एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से यहां पहुंचीं।
मंडल रेल प्रबंधक एसके सपरा का कहना है कि दोहरीकरण और विद्युतीकरण से रेल परिचालन अधिक सुगम और सुविधाजनक हो सकेगा। यात्रियों को भी आवागमन में सहूलियत मिल सकेगी।
स्टेशन मास्टर को मिलेगा पुरस्कार
सीआरएस ने अपने निरीक्षण के दौरान रायबरेली स्टेशन पर तैनात स्टेशन मास्टर (एसएम) अब्दुल्लाह से ढेरों सवाल किए। परिचालन नियमों के संबंध में पूछताछ की। एक तरह से सीआरएस ने एसएम से इंटरव्यू लिया, जिसमें वह पास हो गए। उन्हें पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है।
यातायात निरीक्षक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि सीनियर डीओएम ने स्टेशन मास्टर अब्दुल्लाह को एक हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किए जाने की जानकारी दी है। इसके पहले जायस-रूपामऊ दोहरीकरण का सीआरएस ने निरीक्षण किया था तो फुरसतगंज के स्टेशन मास्टर अमन पुरस्कृत किए गए थे।
पटरी पर लौट आई निरस्त व डायवर्ट ट्रेनें
गंगागंज-रूपामऊ रेल खंडे के दोहरीकरण-विद्युतीकरण को पूरा करने के लिए निरस्त और डायवर्ट की गई ट्रेनें पटरी पर लौट आईं हैं। जिले से होकर गुजरने वाली 10 जोड़ी ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया था, जबकि चार-पांच ट्रेनें डायवर्ट की गई थीं। सीआरएस का निरीक्षण होने के बाद बुधवार से ट्रेनों का संचालन पटरी पर लौटने लगा है। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि निरस्त और डायवर्ट ट्रेनें चलने लगी हैं। यातायात पहले की तरह सामान्य हो गया है।
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