रायबरेली। ग्राम पंचायतों से शासनादेश के विपरीत लगवाई गईं सोलर लाइटों और ताबड़तोड़ भुगतान के मामले को पंचायतीराज विभाग के उप निदेशक ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने बछरावां और डलमऊ के एडीओ पंचायत को नोटिस देकर पूरी रिपोर्ट तलब की है। उप निदेशक के गंभीर होने के बाद सोलर लाइट के घपले में शामिल जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। मामले में डीएम के आदेश पर पहले से ही डीपीआरओ जांच कर रहे हैं, यह दीगर बात है कि जांच दबी हुई है।
शासन से सिर्फ एलईडी लाइटें लगवाने के शासनादेश के विपरीत ग्राम पंचायतों से खुलेआम सोलर लाइटें लगवाई गईं। अमर उजाला ने मामले को गंभीरता से लेकर बीते दिनों 15 नवंबर से अब तक कई खबरें प्रकाशित की। अमर उजाला में खबरें प्रकाशित होने के बाद डीएम के आदेश पर डीपीआरओ ने जांच शुरू करने के साथ ही सभी 988 पंचायतों में सोलर लाइटों के भुगतान पर बीती 23 नवंबर को ही रोक लगा दी। मामले की जांच भी की जा रही है। उप निदेशक पंचायतीराज गिरीशचंद्र ने मामला संज्ञान में आने के बाद एडीओ बछरावां प्रेमपाल सिंह व एडीओ पंचायत डलमऊ कैलाश नाथ पटेल को नोटिस देकर जवाब मांगा है। उप निदेशक के गंभीर होने के बाद मनमानी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्रा ने बताया कि सोलर लाइटों के भुगतान पर रोक के साथ ही एडीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। उप निदेशक ने भी एडीओ को सीधे पत्र भेजकर जवाब मांगा है। जल्द ही जांच पूरी कराकर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
सोलर लाइटों के खेल में एडीओ नहीं दे रहे जवाब
शासनादेश के विपरीत सोलर लाइट लगवाने में अहम भूमिका निभाने वाले सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) डीपीआरओ को जवाब नहीं दे रहे हैं। एडीओ छतोह, सतांव, हरचंदपुर, राही, ऊंचाहार और अमावां ने ही रिपोर्ट उपलब्ध कराई है। बछरावां और डलमऊ में सबसे बड़े खेल होने के बाद भी इस ब्लॉकों के एडीओ रिपोर्ट देने से कतरा रहे हैं। भनवे में 4.70 लाख, कठघर में 3.52 लाख, सोहवल 2.82 लाख, कनहा में 2.82, बहेरवा में 2.35 सहित अन्य पंचायतों ने जमकर भुगतान किया है।