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जिला अस्पताल में शव देख कर बिलख पड़े परिवारीजन

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रायबरेली में बुधवार को जिला अस्पताल स्थित पुलिस चौकी में मृतकों के परिवारीजनों से पूछताछ करते स? - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। होली में घर आने की बात कही थी। जब संजीव नागर घर नहीं पहुंचा था तो हर कोई मायूस हो गया था। इस पर संजीव ने फोन करके कहा था कि जल्द घर आऊंगा। आप सब मिलकर त्योहार मनाइए। यह बात बताते हुए मृतक संजीव नागर का भाई प्रेमलाल बिलख पड़ा और कहा कि उसे पता नहीं था कि ऐसा हो जाएगा, वरना वह पहले ही भाई से मिलने के लिए रायबरेली चला आता।
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जहरीली गैस की चपेट में आने से सुपरवाइजर एवं मथुरा जिले के वृंदावन निवासी संजीव नागर (40) एवं राजस्थान प्रांत के डौलपुर जिले के राजाखेड़ा निवासी श्रमिक योगेश वाल्मीकि (35) की मौत हो गई थी। संजीव की मौत की सूचना पर बुधवार की सुबह उसका भाई प्रेमपाल, साला विजय, ससुर धनपति यहां पहुंचे। शव को देखते ही सभी रो पड़े। जिला अस्पताल स्थित पुलिस चौकी में सदर कोतवाल राघवन कुमार सिंह ने सभी को शांत कराया औैर धैर्य रखने की बात कही। भाई प्रेमलाल ने बताया कि संजीव बहुत अच्छा था। परिवार का पेट भरने के लिए यहां पर मजदूरी करता था। उसकी मौत से पत्नी सर्वेश कुमारी के आंसू नहीं थम रहे हैं। रह-रहकर वह पति को याद करती है। जिला प्रशासन की तरफ से 10 लाख रुपये का चेक उसकी पत्नी के नाम पर दिया गया।
श्रमिक योगेश वाल्मीकि की मौत की सूचना पर उसके चाचा राजवीर, बड़ा भाई जीतू सुबह यहां पर पहुंचा। जीतू ने बताया कि योगेश की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। दिसंबर माह से योगेश घर नहीं गया था। त्योहार पर घर आने की बात कही थी, लेकिन बाद में घर नहीं पहुंचा। पूछने पर बताया कि होली के बाद घर आएंगे। जिला प्रशासन की तरफ से 10 लाख रुपये का चेक मृतक की दादी प्रेमादेवी के नाम पर दिया गया। सदर कोतवाल राघवन कुुमार सिंह ने बताया कि विशेष वाहन से शवों को परिवारीजनों के साथ घर भेजवाया गया।
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