रायबरेली। छत्रपति शाहूजी महराज विश्वविद्यालय कानपुर के परीक्षा परिणामों में त्रुटियों को लेकर आए दिन हो रहे आंदोलन को देखते हुए मामले की छानबीन के लिए गुरुवार को विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक यहां पहुंचे।
डीएम के साथ हुई बैठक में परीक्षा नियंत्रक और महाविद्यालय के प्राचार्य भी उपस्थित रहे। अभिलेखों को खंगाला गया तो प्रभावित परीक्षार्थियों से भी बातचीत भी की गई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी मिलने पहुंचे और समस्या पर चर्चा की।
छत्रपति शाहूजी महराज विश्वविद्यालय से घोषित हुए परीक्षा परिणामों में त्रुटियों को लेकर फिरोज गांधी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं लगातार आवाज उठा रहे हैं। कुछ दिन पहले भी आंदोलन किया था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ परीक्षार्थियों ने डीएम से वार्ता कर ज्ञापन सौंपा था।
डीएम ने उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया था। शासन ने ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं का परीक्षण करने के लिए टीम बनाई, जिसमें कहा गया कि जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कानपुर तथा छत्रपति शाहूजी महराज विश्वविद्यालय कानपुर के परीक्षा नियंत्रक मामले की छानबीन करेंगे। संबंधित अभिलेख डीएम को उपलब्ध कराएंगे। पूरे मामले की आख्या 29 सितंबर तक देने को कहा गया था।
इसी संबंध में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अभिलेखों के साथ पहुंचे। डीएम के साथ काफी देर तक बैठक चली। महाविद्यालय के प्राचार्य समेत अन्य स्टाफ को बुलाया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी भी परीक्षार्थियों के साथ पहुंच गए।
विद्यार्थी परिषद के विभाग सह संयोजक यश श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक आए तो डीएम के साथ चल रही बैठक के दौरान आशुतोष सिंह, प्राची वर्मा, शफक, दीपांजलि, सत्यम समेत कई परीक्षार्थियों ने अपनी समस्या बताई।
परीक्षा नियंत्रक ने भरोसा दिया कि किसी भी विद्यार्थी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होगा। प्रांत कार्यकारिणी सदस्य करुणेश प्रताप सिंह ने बताया कि 27 सितंबर से संचालित की जा रही स्क्रूटनी वेबसाइट में छात्र-छात्राएं आवेदन करें। इसके बाद भी समाधान नहीं होता है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।