रायबरेली। माध्यमिक विद्यालयों में 16 अगस्त से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। एक हफ्ते पहले निर्देश आ चुके हैं, फिर भी विद्यालयों में तैयारियां पूरी नहीं हो सकी हैं। न तो कक्षाओं के संचालन की रूपरेखा बनाई गई है और न ही कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। बारिश की वजह से साफ-सफाई का काम भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है।
जिले में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालय 333 व केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद के 37 विद्यालय हैं। अन्य बोर्डों के भी कई स्कूल चल रहे हैं।
इन सभी स्कूलों में 16 अगस्त से भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तैयारियां अधूरी हैं। विद्यालयों में सैनिटाइजर, हैंडवॉश, थर्मल स्क्रीनिंग, पल्स ऑक्सीमीटर, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
कक्षाओं का संचालन दो पालियों में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 12.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक करना होगा। एक पाली में 50 फीसदी बच्चे ही बुलाए जा सकेंगे। हर पाली में सैनिटाइजेशन भी कराना होगा।
अभी तक ज्यादातर स्कूलों में दोनों पालियों के लिए कक्षाओं के संचालन की रूपरेखा तैयार नहीं की है। कहीं कोई गड़बड़ी न होने पाए और सभी जरूरी इंतजाम हो सकें, इसके लिए विभागीय अधिकारी 15 अगस्त से पहले सभी विद्यालयों की बैठक बुलाने की बात कह रहे हैं।
अभिभावकों की राय, खोले जाएं विद्यालय
भौतिक रूप से कक्षाओं को शुरू करने के लिए 80 फीसदी अभिभावक राजी हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एक पखवारा पहले अभिभावकों की राय जानी थी, जिस पर 80 फीसदी अभिभावकों ने भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू करने पर सहमति जताई थी।
एक प्रारूप पर कक्षा 9, 10, 11, 12 के छात्र-छात्राओं की संख्या के साथ ही उनके अभिभावकों की राय जानने की कोशिश की गई थी। इस पर जिले के 182 विद्यालयों ने 33494 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से संपर्क किया। इसमें से 26,803 अभिभावकों ने स्कूल खोलने और भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू किए जाने पर सहमति जताई थी। इतनी अधिक संख्या में अभिभावकों के सहमत होने से उम्मीद जगी थी कि भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू होंगी।
कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए विद्यालयों में भौतिक रूप से कक्षाओं को संचालित कराया जाएगा। उच्चाधिकारियों के निर्देशों से विद्यालयों को पहले ही अवगत करा दिया गया था, ताकि उसका अक्षरश: पालन कराया जा सके। अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा और कक्षाएं शुरू करने के संबंध में बनाई गई रूपरेखा पर विचार-विमर्श करने के लिए 13 एवं 14 अगस्त को सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाएंगे।
-ओमकार राणा, डीआईओएस