रायबरेली। अपनी लंबित मांगों को लेकर पावर कॉर्पोरेशन में आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे संविदा कर्मी कामकाज ठप कर धरना-प्रदर्शन में शामिल होने लखनऊ पहुंचे।
पूर्व सूचना के बावजूद अभियंताओं ने बिजली समस्या से निपटने के लिए कोई तैयारी नहीं की। जिससे शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक में उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से जूझना पड़ा। बारिश और हवा चलने से बिजली व्यवस्था और चरमरा गई। दिन भर बिजली का आना-जाना लगा रहा।
शहर के इंदिरा नगर विद्युत उपकेंद्र से निकले आरडीए फीडर में फॉल्ट आने से करीब एक घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। इसी तरह गोराबाजार विद्युत उपकेंद्र के बस्तेपुर में तकनीकी खराबी आने से कई मोहल्लों की विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
प्रगतिपुरम विद्युत उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों के लोग सबसे ज्यादा बेहाल रहे। ग्रामीण क्षेत्र के ऊंचाहार, जमुनापुर व जगतपुर विद्युत उपकेंद्रों की 33 केवी और 11 हजार के फीडरों में खामियां की वजह से करीब डेढ़ घंटे आपूर्ति बाधित रही।
गदागंज विद्युत उपकेंद्र से निकले गौरा फीडर में फॉल्ट आने की वजह से करीब तीन घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के जाने से फॉल्ट ठीक करवाने में अभियंताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की ये हैं मांगे
आउटसोर्सिंग के तहत रखे कर्मियों को सैनिक कल्याण निगम की तरह 24 हजार का अनुबंध किया जाए।
सुरक्षा उपकरण दिए जाए, अभियंताओं द्वारा सौतेला व्यवहार बंद किया जाए।
कर्मियों को ईएसआई की कटौती का भुगतान किया जाए।
विभागीय नीतियों के अनुरूप मास्टर रोल व्यवस्था के तहत समायोजित कर समान कार्य का समान वेतन दिया जाए।
न्यूनतम मजदूरी 18 हजार दी जाएं। सरकार की ओर से मिलने वाले लाभ भी दिलाए जाए।
80 फीसदी पहुंचे आउटसोर्सिंग कर्मचारी
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष प्रमोद तिवारी व प्रदीप कुमार ने बताया कि लंबित मांगों को लेकर लखनऊ के इको गार्डेन प्रदेश भर के आउटसोर्सिंग कर्मचारी शामिल हुए। जिले से भी 80 फीसदी कर्मचारी धरने में शामिल हुए। जिलाध्यक्ष ने बताया कि बिजली आपूर्ति समस्या के बाबत पहले से ही अभियंताओं को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अवगत करा दिया गया था।