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बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं, पड़ताल में मदद करेगा डीटी मीटर

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रायबरेली। जिले में बिजली चोरी करने की अब खैर नहीं है। क्योंकि अब उनकी निगरानी करना और आसान हो गया है। चोरों तक पहुंचाने में डिस्टीब्यूशन मीटर (डीटी मीटर) पूरी मदद करेगा।
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इसके साथ ही ट्रांसफार्मर से कितनी बिजली खपत हुई इसके लिए पल-पल की सूचना मॉडम उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएगा। पहले चरण में इसका काम नगर पंचायतों में होगा, जहां पर मीटर लगाने का काम भी शुरू करा दिया गया है। मीटर लगने के बाद मॉडम लगाया जाएगा।
जिले में करीब पांच लाख उपभोक्ता हैं। ईमानदारी से बिजली का बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लगने की वजह से लोवोल्टेज की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
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केंद्र और प्रदेश की सरकार के प्रयास के बावजूद बिजली चोरी करने वालों पर लगाम नहीं लगी है। क्योंकि इसके पीछे विभागीय कर्मचारी भी संलिप्त हैं। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने हर ट्रांसफार्मर की मीटरिंग करा रही है। पहले चरण में आईपीडीएस टाउन (नगर पंचायतों) में डीटी मीटर लगाए जा रहे हैं। अब तक लालगंज में मीटर लगाने का काम ल रहा है।
ऐसे काम करेगा डीटी मीटर और मॉडम
ट्रांसफार्मर से उपभोक्ताओं के घरों को कनेक्शन दिए गए हैं। घरों में मीटर तो लगे हैं, लेकिन कोई मीटर के पहले केबल काटकर तो या तो सीधे कटिया लगाकर बिजली चोरी कर लेता है।
इसकी कोई मॉनीटरिंग नहीं हो पाती। लेकिन अब ट्रांसफार्मर में डीटी मीटर लग जाने से इसकी जानकारी हो जाएगी कि ट्रांसफार्मर से कितनी बिजली खर्च हुई। इसके साथ ही मॉडम इसका पूरा ब्यौरा उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएगा। यदि ट्रांसफार्मर और घरों में खर्च हुई बिजली की यूनिट बराबर हुई तो ठीक यदि मतभेद हुआ तो व्यापक स्तर पर घर-घर जांच करके चोरों का पता आसानी से लगाया जा सकेगा।
शहर क्षेत्र में धड़ाम हो चुकी है व्यवस्था
शहरी क्षेत्र में यह व्यवस्था कई साल पहले शुरू की गई थी, लेकिन पूरी व्यवस्था धरी की धरी रह गई। क्योंकि यदि यह कार्य सफल हो गया तो अभियंताओं और कर्मचारी की ऊपरी कमाई पूरी तरह से ठप हो जाएगी। यदि ठीक से मीटरिंग नहीं हुई तो नगर पंचायतों में चल रही यह कवायद धरी की धरी रह जाएगी।
2025 तक सभी ट्रांसफार्मरों की होंगी मीटरिंग-मुख्य अभियंता
अभी तक नगर पंचायतों के ट्रांसफार्मरों की मीटरिंग की जा रही है। यह कार्य पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में यही प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। नगर पंचायतों में काम पूरा होने के बाद ग्रामीण अंचलों के ट्रांसफार्मरों की मीटरिंग कराई जाएगी। 2025 तक शहर और ग्रामीण क्षेत्र के हर ट्रांसफार्मर की मीटरिंग कराई जाएगी।
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- एके सिंह, मुख्य अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन, लखनऊ जोन
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