रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में परचा बनवाने में देरी होने पर एम्स चौकी इंचार्ज अशोक कुमार आपा खो बैठे। उन्होंने न सिर्फ स्टाफ को धमकाया, बल्कि एम्स परिसर में चेकिंग लगाकर कर्मचारियों के वाहनों का चालान कर दिया। यह हाल तब था, जब कर्मचारी हेलमेट लगाए थे और उनके पास सभी दस्तावेज थे।
मरीजों से हाथापाई भी की। एम्स के रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की जानकारी में मामला आया तो उन्होंने इसकी शिकायत एसपी से की। एसपी ने सीओ सदर को प्रकरण की जांच सौंपी है।
दरअसल, एम्स चौकी इंचार्ज सोमवार को परचा बनवाने एम्स की ओपीडी गए थे। स्टाफ ने कुछ देर में परचा बनाने की बात कही।
बस इतनी सी बात पर एम्स चौकी प्रभारी भड़क उठे और उन्होंने स्टाफ को धमकाना शुरू कर दिया। एम्स के चिकित्सकों ने विरोध किया तो उन्हें भी देख लेने की धमकी दी।
इससे गुस्साए चौकी इंचार्ज ने परिसर में चेकिंग लगाकर कर्मचारियों के वाहनों का चालान कर दिया। मंगलवार सुबह भी चेकिंग लगाकर कर्मचारियों के वाहनों का चालान किया। कुछ मरीजों ने विरोध किया तो उनके साथ हाथापाई भी की। ओपीडी पहुंचकर कर्मचारियों के वाहनों को चौकी उठा लाए।
कर्मचारियों का कहना था कि हम लोग हेलमेट लगाए थे। वाहन के सभी दस्तावेज थे। इसके बावजूद खुन्नस के चलते चौकी प्रभारी ने वाहनों का चालान किया। एम्स प्रशासन के हस्तक्षेप पर चौकी इंचार्ज ने कर्मचारियों के वाहनों को वापस किया।
परचा जल्द न बनाने पर एम्स चौकी प्रभारी ने स्टाफ के साथ ही चिकित्सकों संग अभद्रता की। पूरे प्रकरण से पुलिस अधीक्षक को अवगत करा दिया गया है, ताकि दोबारा इस तरह की पुनरावृत्ति न हो सके।
समीर शुक्ला, रजिस्ट्रार-वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एम्स
एम्स चौकी प्रभारी की ओर से एम्स स्टाफ के कर्मचारियों के वाहनों का चालान करने का मामला जानकारी में आया है। पूरे प्रकरण की जांच सीओ सदर वंदना सिंह को सौंपी गई है। जांच में मामला सही मिला तो चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
श्लोक कुमार, एसपी
एसपी के निर्देश पर हमने एम्स बैरियर के पास वाहन चेकिंग लगाई थी। मनमाने तरीके से वाहन चलाने पर वाहनों का चालान किया। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह गलत हैं।
अशोक कुमार, चौकी प्रभारी, एम्स