रायबरेली। मरीजों को अब ऑपरेशन कराने के लिए नर्सिंग होम का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। वजह जिले की पांच सीएचसी में इसी माह से सर्जरी शुरू हो सकेगी। इसके लिए तैयारी की जा रही हैं।
खास बात ये है कि जिस सीएचसी में सर्जन तैनात नहीं होंगे, वहां पर प्राइवेट नर्सिंग होम से चिकित्सक बुलाकर मरीजों की सर्जरी कराई जाएगी। इसके एवज में प्राइवेट नर्सिंग होम के चिकित्सक को भुगतान किया जाएगा। इसकी मांग काफी समय से की जा रही थी।
जिले की बछरावां, लालगंज, डलमऊ, ऊंचाहार और सलोन सीएचसी में इलाज की व्यवस्था तो थी, लेकिन सर्जरी की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में चाहे फिर सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के ऑपरेशन करने की बात हो या फिर प्रसूताओं के ऑपरेशन का मामला।
ऑपरेशन कराने के लिए उन्हें जिला अस्पताल या फिर प्राइवेट नर्सिंग होम का सहारा लेना पड़ता था। ऑपरेशन कराने के लिए प्राइवेट नर्सिंग होम में मरीजों से मनचाहा पैसा वसूूला जाता था।
इसी को देखते हुुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) का संचालन शुरू कराने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी, जो अब जाकर पूरी हो गई है।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि इस यूनिट के शुरू होने से मरीजों को ऑपरेशन कराना आसान हो जाएगा। सड़क हादसे समेत अन्य सर्जरी का कार्य इन सीएचसी पर हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि यूनिट शुरू कराने के लिए सभी इंतजाम कराए जा रहे हैं। जहां पर सर्जन नहीं हैं, वहां पर प्राइवेट चिकित्सक को बुलाकर सर्जरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके एवज में प्राइवेट चिकित्सक का भुगतान विभाग की तरफ से कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीएस वाजपेयी ने शनिवार को बछरावां, महराजगंज सीएचसी का जायजा लिया था। साथ ही इन पांच सीएचसी में एफआरयू शुरू कराने के निर्देश दिए थे। 15 मार्च से सर्जरी का काम शुरू हो सकेगा।