रायबरेली। दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के सामने आने के बाद शासन के निर्देश पर जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। रेलवे स्टेशनों पर कोरोना की जांच तेज कर दी गई है। एक-एक यात्री पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। सभी सीएचसी को अलर्ट करने के साथ ही कोरोना सुरक्षा के मानकों का शत-प्रतिशत पालन करने के आदेश दिए गए हैं। कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की तत्काल जांच के साथ ही इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी होनेे के बाद जिले में मॉनीटरिंग बढ़ा दी गई है। खासकर रेलवे और बस स्टेशनों पर यात्रियों की कोरोना जांच बढ़ा दी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि विदेश से लौटे यात्रियों में 14 दिन के भीतर लक्षण दिखने पर उनकी जांच की जाएगी। हालांकि विदेश से आए यात्रियों की जारी की गई सूची में अब तक जिले का एक भी यात्री शामिल नहीं है।
इसके साथ ही पहले से सक्रिय सर्विलांस टीमें और भी तेजी से काम करेंगी। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बाद इस नए वैरिएंट का सामना करने के लिए विभाग की पूरी तैयारी होने का दावा है। सभी को कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराने के आदेश दिए गए हैं।
कोरोना जांच प्रभारी डॉ. ऋषि बागची ने बताया कि सोमवार को शहर स्थित रेलवे स्टेशन पर गैर जिलों व प्रांतों से आई ट्रेनों के यात्रियों की कोरोना की जांच की गई। करीब 200 लोगों की जांच की गई। हालांकि कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन के साथ ही बस स्टेशन पर भी जांच बढ़ा दी गई है। शासन स्तर से विदेश से आए यात्रियों की जारी सूची में जिले का कोई भी यात्री शामिल नहीं है। हालांकि विदेशों से आने वाले यात्रियों पर खास नजर रखी जा रही है।
जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था की गई है। एम्स स्थित एल-3 अस्पताल में 100 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां ऑक्सीजन प्लांट चालू करवा दिया गया है। इसी तरह कोविड का एल-2 अस्पताल भी रेलकोच स्थित अस्पताल में संचालित है। यहां 300 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है। यहां भी ऑक्सीजन प्लांट काम कर रहा है। इसके अलावा जिला अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट शुरू कराया गया है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का कोई खतरा नहीं है लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है। अस्पतालों को अलर्ट करने के साथ ही रेलवे और बस स्टेशनों पर कोरोना की जांच बढ़ा दी गई है। विदेश से आने वाले यात्रियों की सूची मिलने के बाद उन पर नजर रखी जाएगी। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए पूरे प्रबंध हैं।