रायबरेली। कोर्ट ने लालगंज कोतवाली क्षेत्र में मारपीट से गर्भपात होने एक मामले में दोषसिद्ध होने पर मां-बेटे को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 13-13 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
यह फैसला दीवानी कचहरी स्थित कोर्ट संख्या नौ के अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने शनिवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) उमानाथ सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट लालगंज कोतवाली क्षेत्र के सैंवसी निवासी पुत्ती ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार 29 जुलाई 2010 को गांव के पिंटू व उसकी मां ने उसकी नाली में ईंट लगा दी थी। बहू नीतू के मना करने पर दोनों ने उसे लात-घूसों से मारा। इससे बहू का गर्भपात हो गया।
पुलिस ने विवेचना के बाद पिंटू व उसकी मां फूलकली के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर मां व बेटे को कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।