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औलाद की चाह में मासूम भतीजे को ही उतार दिया मौत के घाट

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रायबरेली। तंत्र-मंत्र के फेर में मासूम के चचेरे चाचा ने ही उसकी हत्या की गई थी। नसीराबाद पुलिस ने रविवार को हत्याकांड का पर्दाफाश करने का दावा किया।
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पुलिस की मानें तो मुख्य आरोपी की पत्नी को बच्चे न होने पर उसके तांत्रिक पिता ने ही परिवार के किसी बच्चे की बलि चढ़ाने की बात कही थी।
हत्या में चचेरे चाचा व उसके पिता समेत अन्य परिवारीजनों ने भी सहयोग किया। पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बांका भी बरामद कर लिया है।
पुलिस कार्यालय में अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि नसीराबाद थाना क्षेत्र के पूरे शिव प्रसाद मजरे मखदूमपुर गांव निवासी हरिश्चंद्र सरोज का पांच वर्षीय बेटा रुद्र सरोज सोमवार को घर के बाहर मोबाइल पर गेम खेलते-खेलते अचानक लापता हो गया था।
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काफी खोजबीन के बाद शुक्रवार को गांव के बाहर रीवागढ़ तालाब में मासूम का शव उतराता मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मासूम की हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी।
वारदात के खुलासे के लिए एसपी श्लोक कुमार ने एक पुलिस टीम गठित की थी। साथ ही घटना की पड़ताल के लिए शनिवार को लखनऊ से डॉग स्क्वॉयड भी आया था।
उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड में गांव के ही रहने वाले मासूम के चचेरे चाचा बालगोविंद, मुख्य आरोपी के तांत्रिक पिता रामकेतार, भाई बबलू, बहन मीना, नीतू को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एएसपी ने बताया कि पकड़ा मुख्य आरोपी बाल गोविंद मृतक मासूम का रिश्ते में चाचा है। बाल गोविंद की पत्नी को दो बार बच्चे हुए थे, लेकिन किसी कारणवश उनकी मौत हो गई थी।
यह बात बालगोविंद ने अपने तांत्रिक पिता रामकेतार को बताई थी। इस पर तांत्रिक पिता ने बेटे को सलाह दी थी कि अगर अपने खानदान का एक बच्चा कम हो जाए तो तुम्हारे बच्चे बचने लगेेंगे।
इसके बाद बालगोविंद ने मासूम की हत्या की साजिश रच डाली। परिवार समेत अन्य लोग मासूम को अगवा करके घर लाए और उसकी बांके से हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में भरकर भूसे में छिपा दिया। इसके बाद मौका देखकर शव को तालाब में फेंक दिया था।
पत्नी चली गई थी मायके
एएसपी के मुताबिक बच्चे पैदा होने के बाद उनकी मौत हो जाने से खफा होकर मुख्य आरोपी बालगोविंद की पत्नी मायके में रहने लगी थी। कई बार कहने के बावजूद वह ससुराल नहीं आ रही थी।
तांत्रिक पिता की बताई हुई बात पर बालगोविंद को लगा कि अगर उसने बच्चे की बलि दे दी तो उसकी पत्नी भी मायके से ससुराल चली आएगी और उसके बच्चे भी हो जाएंगे। इसके बाद उसने भतीजे रुद्र को ही मार डालने की साजिश रच डाली। एएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी और मृतक के पिता के बीच भूमि का विवाद भी चल रहा था।
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शव को काफी दूर ठिकाने लगाना चाहते थे आरोपी
एएसपी ने बताया कि आरोपियों की मंशा बच्चे की हत्या करने के बाद शव को बोरी में भरकर गांव से काफी दूर ठिकाने लगाने की थी।
पुलिस को उन पर शक न हो, इसलिए वह परिवार के साथ बच्चे की खोजबीन करा रहे थे। लेकिन इसी बीच पुलिस की सक्रियता से समय न मिलने और खौफ के चलते आरोपी शव को गांव से ज्यादा दूर नहीं ले जा पाए और बाद में मौका देखकर घर से कुछ दूर स्थित तालाब में ही उसका शव फेंक दिया। बच्चे के पास जो मोबाइल फोन था, उसे भी झाड़ियों में फेंक दिया था।
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