रायबरेली। नमामि गंगे योजना के तहत जिले में गंगा के किनारे स्थित 29 गांवों में 100 हेक्टेअर भूमि पर बाग लगाए जाएंगे। बाग लगाने वाले किसानों को उद्यान विभाग की ओर से प्रति माह तीन हजार रुपये प्रति हेक्टेअर पौधों की जीवितता सुनिश्चित होने पर तीन साल तक दिए जाएंगे। खास बात यह कि किसान स्वेच्छा से किसी भी फल का बाग लगा सकता है। निगरानी और देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं किसान की होगी।
डीएम वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि डलमऊ में कनहा, डलमऊ, चकमलिकभीटी, दीनशाहगौरा में ग्राम पंचायत हमीरमऊ, पयागपुर, भगवंतपुर चंदनियां, कल्यानपुर बैती, धीरनपुर, लालगंज में खजूरगांव, जनेवा कटरा, गेंगासों, सरेनी में रालपुर, सिद्धौरतारा, हमीरपुर, गहरौली, निसगर, कोटिया एहतमाली, मुथुरपुर, सराय खांडे, जगन्नाथपुर, किलौली, बैसआ, रामपुरकलां, सैदापुर, ऊंचाहार में गोकना मुस्तकिल, कल्यानी, कोटरा बहादुरगंज, जब्बारीपुर व खरौली गांव को नमामि गंगे योजना के तहत चयनित किया गया है।
नमामि गंगे औद्यानिक विकास योजना वर्ष 2021-22 के तहत 100 हेक्टेअर क्षेत्रफल में नया बाग लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जिन किसानों के पास स्वयं की जमीन व सिंचाई का साधन हो, ऐसे किसानों को योजना में शामिल किया जाएगा। एक किसान कम से कम 0.2 हेक्टेअर से लेकर 1.0 हेक्टेयर की भूमि में बाग लगवा सकता है।
बाग के लिए किसान आम, अमरूद, आंवला, बेल एवं नींबू के कलमी पौधों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं। नये बागों के रोपण के साथ ही किसान तीन वर्ष तक इंटर क्रॉपिंग के रूप में सब्जी, मसाला व पुष्प आदि की खेती कर सकते हैं।