फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वृद्ध दंपती को जिंदा जलाने के लिए झोपड़ी में लगाई आग, हालत नाजुक

विज्ञापन
विज्ञापन
डीह (रायबरेली)। पूरे लोकई मजरे मऊ गांव में मंगलवार रात भूमि विवाद में वृद्ध दंपती को जिंदा जलाने के लिए झोपड़ी में आग लगा दी गई। घटना के समय तालाब के किनारे बनी झोपड़ी में दंपती सो रहे थे। धूृ-धू कर झोपड़ी के जलने और अंदर धुआं भरने पर दंपती चिल्लाए तो ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए आग बुझाने की कोशिश की।
विज्ञापन

लपटों पर काबू पाने तक दंपती गंभीर रूप से झुलस गए थे। दोनों को सीएचसी पहुंचाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। आग से दो बकरियां मर गईं और। सारा सामान भी जल गया। इस मामले में बेटी की तहरीर पर गांव के ही दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरा गिरफ्त से दूर है।
पूरे लोकई मजरे मऊ निवासी सूरजपाल (64) अपनी पत्नी धनपता (60) के साथ गांव के बाहर तालाब के किनारे करीब 20 वर्ष से झोपड़ी बनाकर रहता है। मंगलवार रात सूरजपाल अपनी पत्नी धनपता के साथ झोपड़ी में सो रहा था। इस दौरान गांव के ही दो लोगों ने वृद्ध दंपती को जिंदा जलाकर मारने डालने की नीयत से झोपड़ी में आग लगा दी।
विज्ञापन

मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह लपटों पर काबू पाया। हादसे में सूरजपाल व धनपता गंभीर रूप से झुलस गए। दंपती को सीएचसी डीह पहुंचाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। झोपड़ी में बंधी दो बकरी भी जलकर मर गईं।
झोपड़ी में रखा अनाज और सात हजार रुपये भी आग की भेंट चढ़ गये। दंपती की पुत्री निर्मला की तहरीर पर पुलिस ने बद्रीप्रसाद व मेवालाल निवासी पूरे लोकई मजरे मऊ के विरुद्ध जानलेवा हमला सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।
दंपती की पुत्री निर्मला ने बताया कि उसके पिता सूरजपाल का विपक्षी बद्रीप्रसाद व मेवालाल से जमीन विवाद था। झोपड़ी में रह रहे माता पिता को मारने के लिए आरोपितों ने झोपड़ी में आग लगा दी, जिससे उसके माता-पिता गंभीर रूप से झुलस गए। थानाध्यक्ष पंकज सोनकर ने बताया कि झोपड़ी में आग लगाने वाले एक आरोपी मेवालाल को गिरफ्तार किया गया है। दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।
चलने फिरने से लाचार है धनपता
झोपड़ी में आग लगी, लेकिन चलने-फिरने से लाचार धनपता जल्द बाहर नहीं निकल सकी। इस वजह से वह बहुत ज्यादा जल गई। बीमारी के कारण उसका इलाज भी चल रहा है। पति सूरजपाल ने पत्नी को बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका। दोनों बुरी तरह झुलस गये हैं।
सरकारी आवास योजना का क्यों नहीं मिला लाभ
गरीबों को आवास दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रयासरत है। इसके बावजूद जिला प्रशासन इस दंपती को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री योजना के तहत आवास नहीं दिला सका। गांव में कच्चा घर है, जो बारिश में गिर गया। इस वजह से काफी समय से दंपती झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। यही नहीं बेटी की शादी हो गई। घर न होने के कारण दंपती का बेटा लवकुश ने मंदिर में शादी की और फिर पत्नी को लेकर दिल्ली चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें