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जुलाई बीत रही, बच्चों के हाथों में अब तक नहीं पहुंची किताबें

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रायबरेली। जुलाई का महीना बीत रहा है और जिले को पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में वितरण कार्य शुरू नहीं हो पाया है और बच्चों के हाथों तक किताबें नहीं पहुंची हैं।
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जिले में कक्षा एक से आठ तक पढने वाले 2.97 लाख बच्चों को किताबों का वितरण किया जाना है। स्कूल बंद चल रहे हैं। ऐसे में किताबें स्कूल तक पहुंचाई जाएंगी, फिर ये पुस्तकें बच्चों के घर पर जाकर या फिर उनके अभिभावकों को स्कूल बुलाकर देना होगा।
पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति 2 जुलाई से शुरू हुई थी। पहले दो चरणों में सिर्फ कक्षा आठ की लगभग 1.38 लाख किताबें ही आईं। इसके बाद तीसरे चरण में दूसरी कक्षाओं की किताबें आईं।
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इस तरह तीन चरणों में 4.28 लाख किताबें मिलीं। चौथे चरण में रविवार को लगभग एक लाख 34 हजार किताबों की आपूर्ति हुई। अब तक चार चरणों में लगभग पांच लाख 62 हजार पाठ्य पुस्तकें जिले को आपूर्ति की जा चुकी है।
बता दें कि जिले में दो लाख 97 हजार 169 छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तकें बांटी जानी हैं। इसके लिए 20 लाख 22 हजार 715 किताबों की जरूरत पड़ेगी, जबकि अब तक महज 25 फीसदी यानी 5.62 लाख किताबें ही मिल पाई हैं।
रविवार को आई किताबों में कक्षा एक की कलरव 33578, कक्षा दो की किसलय 33578, कक्षा दो की गिनतारा 27160 और कक्षा तीन की पंखुरी 40361 किताबें शामिल हैं।
अब तक किताबों की आपूर्ति पूरी न हो पाने के कारण वितरण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सिर्फ किताबों का सत्यापन कराया जा रहा है। किताबों की आपूर्ति की यही स्थिति रही तो इस महीने वितरण कार्य शुरू होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आती है।
यानी कि अगले महीने से ही बच्चों को किताबें मिल सकेंगी। जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) डा. संजीव गुप्ता ने बताया कि अब तक मिली किताबों को सुरक्षित रखवा दिया गया है। सत्यापन कार्य चल रहा है। जल्दी ही किताबों का वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
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