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कार्यों की धीमी रफ्तार पर डीआरएम ने जताई नाराजगी

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रायबरेली। रेलवे स्टेशन पर चल रहे कार्यों की रफ्तार धीमी देख मंडल रेल प्रबंधक ने नाराजगी जताई। शनिवार को निरीक्षण पर आए डीआरएम करीब आधे घंटे रुके। निर्माण कार्यों समेत अन्य कार्यों को देखा।
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यात्री सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। कई सालों से पहले बने मल्टीप्लेक्स कांप्लेक्स के बंद रहने का कारण पूछा। बताया गया कि कई बार टेंडर कराने के बाद भी सफलता नहीं मिल पाई।
रेलवे स्टेशन पर अभी हाल ही में रेल लाइनों का दोहरीकरण और विद्युतीकरण कराया गया है। यार्ड रिमॉडलिंग के तहत नए प्लेटफार्म बन रहे हैं तो और भी कई काम कराए जा रहे हैं, जिनकी रफ्तार धीमी है।
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नए बनाए गए प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर यात्री सुविधाएं भी नाकाफी हैं। कई सालों से बन रही वाशिंग लाइन का काम अब तक पूरा नहीं कराया जा सका है तो स्टेशन परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य भी लटका हुआ है।
स्टेशन परिसर में ही कई साल पहले मल्टीप्लेक्स कांप्लेक्स बनवाया गया था, लेकिन निर्माण के बाद ही यह बंद पड़ा है। रेलवे स्टेशन पर चल रहे कार्यों का जायजा लेने के लिए मंडल रेल प्रबंधक सुरेश कुमार सपरा यहां पहुंचे। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के अंतर्गत चल रहे कार्यों का निरीक्षण एवं समीक्षा करने के लिए डीआरएम आलम नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, उतरेटिया का निरीक्षण करते हुए यहां पहुंचे, फिर अमेठी चले गए। रास्ते में विंडो ट्रेलिंग के जरिए निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लिया।
रेलवे स्टेशन पर करीब आधे घंटे तक चले निरीक्षण में डीआरएम ने फुट-ओवरब्रिज, प्लेटफार्म, पूछताछ काउंटर, आरक्षण कार्यालय, प्रतीक्षालय, विश्रामालय, सर्कुलेटिंग एरिया को देखा। सभी कार्यों को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही संरक्षित, समयबद्ध एवं नियमबद्ध रेल परिचालन की अनिवार्यता की बात कही। इस मौके पर एडीआरएम वीके पांडेय, वीरेंद्र सिंह यादव समेत सभी मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जनवरी में आ सकते हैं महाप्रबंधक
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक का निरीक्षण कार्यक्रम जनवरी में प्रस्तावित है। उनके निरीक्षण से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और कार्यों को पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।
मंडल रेल प्रबंधक ने अपने निरीक्षण के दौरान चल रहे कार्यों पर ही ज्यादा ध्यान दिया। उन्होंने लखनऊ से अमेठी तक निरीक्षण किया। यह जाने की कोशिश की कि कौन-कौन से कार्य चल रहे हैं, उनकी प्रगति क्या है और कब तक पूरा होने की उम्मीद है। यह माना जा रहा है कि महाप्रबंधक के निरीक्षण तक मंडलीय अधिकारियों का आना-जाना लगा रहेगा।
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