केंद्र सरकार के आम बजट में किडनी के रोगियों को तोहफा मिला है। जिले स्तर पर डायलिसिस यूनिट न होने के कारण ऐसे रोगियों को लखनऊ, इलाहाबाद व अन्य बडे़ शहरों का सहारा लेना पड़ता था।
जिले में करीब 150 किडनी रोगियों को रोजाना डायलिसिस करानी पड़ रही है। ऐसे में उन्हें परेशान होना पड़ता है। केंद्र सरकार ने सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस यूनिट की स्थापना करने की व्यवस्था कर दी है।
इससे ऐसे रोगियों और उनके परिवारीजनों में खुशी का माहौल है। जिले में किडनी के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। किडनी के गंभीर रोगियों में रोजाना डायलिसिस की जरूरत पड़ती है(
लेकिन जिले स्तर पर डायलिसिस की व्यवस्था न होने के कारण रोगियों को परेशान होना पड़ता है। लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर समेत अन्य बड़े शहरों में डायलिसिस के लिए रोगियों को लेकर परिवारीजनों को भटकना पड़ता है।
परेशानी के साथ ही रोगियों को भागदौड़ भी करनी पड़ती है। केंद्र सरकार के सोमवार को आम आम बजट में सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस यूनिट खोलने की घोषणा की है।
सीएमओ डॉ. राकेश कुमार यादव का कहना है कि डायलिसिस यूनिट की स्थापना से निश्चित ही किडनी के रोगियों को राहत मिलेगी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि जिले में करीब 150 किडनी रोगियों को रोजाना डायलिसिस करानी पड़ती है। अस्पताल में पर्याप्त जमीन है। बजट मिलने पर रोगियों की सुविधा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।