तेलियाकोट स्थित लॉन में रविवार को ऑल इंडिया उल्मा मशाइख बोर्ड का कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ। इसमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 20 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले सुन्नी सूफी कांफ्रेंस पर चर्चा की गई।
मुख्य वक्ता मौलाना अब्दुल मुईद अजहरी ने दुनिया भर में फैले आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिये सूफीवादी विचारधारा को आम करने का पैगाम दिया।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर के मुसलमानों में इस्लाम की गलत विचारधारा लागू करने का काफी तेजी से अभियान चल रहा है।
ऐसे केंद्र जहां से लोगों में एकता और भाईचारे का पैगाम जाता है, वहां से इसे दूर करने की कोशिश हो रही है। बोर्ड का मकसद ऐसी जमातें जिनकी बुनियाद नफरत पर टिकी हुई है, उन्हें बेनकाब करते हुए इस्लाम की असल तस्वीर दुनिया के सामने पेश करनी है।
दिल्ली के कांफ्रेंस में विश्व के कई देशों से वक्ता शामिल होंगे। मौलाना ने कहा कि ऐसे अभियान जिन से लोगों में कट्टरवाद और नफरत की तालीम दी जा रही हो, उन पर तत्काल पाबंदी लगाने की जरूरत है।
अध्यक्षता करते हुए सैयद हम्माद अशरफ ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को भी इसके लिए प्रयास करने की जरूरत है। अमन और भाईचारे को प्राथमिकता के आधार पर बहाल रखना चाहिये।
मौलाना सैयद अहमद अशरफी जीलानी जायसी ने बोर्ड का उद्देश्य और उसकी रूपरेखा पर विधिवत प्रकाश डाला। संचालन बोर्ड के जिलाध्यक्ष हाफिज मोहम्मद मोबीन ने किया।
इस मौके पर मौलाना सिराज अशरफ, सैयद फैजान अशरफ, मौलाना अबू आस हसन, मौलाना अबुल मुईज अजहरी आदि मौजूद रहे।