रायबरेली। बेमौसम बारिश से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। दो दिन में डेंगू के नौ मरीज मिले हैं। इसमें गुरुवार को छह मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिले में अब तक 42 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं।
केस मिलते ही संबंधित क्षेत्रों में टीमें भेजकर दवा का छिड़काव कराने के साथ लोगों को रोगों से बचने के लिए जागरूक किया गया।
कोरोना का कहर थमने के बाद अब डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले सप्ताह तक डेंगू भी थम गया था, लेकिन बेमौसम बारिश होने से डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
दो दिनों में डेंगू के नौ मरीज मिले हैं। इसमें गुरुवार को ही जिला अस्पताल में हुई जांच में छह मरीज मिले हैं। जिला मलेरिया अधिकारी रितु श्रीवास्तव ने बताया कि सलोन क्षेत्र के फरीदपुर बघैला, हरचंदपुर क्षेत्र के महुआखेड़ा, राही के लोधवारी, कृष्णा नगर गोराबाजार, अखिलेशपुरम अमावां, कुरौली बुधकर, गोपालपुर, लालगंज के राजपत नगर और एकता विहार में डेंगू के एक-एक मरीज मिले हैं।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही टीमों को मोहल्लों व गांवों में भेजकर संक्रमित लोगों के परिवार के लोगों के सैंपल लिए गए हैं। दवा का छिड़काव कराने के साथ ही लोगों को संक्रामक रोगों से बचने के टिप्स दिए गए हैं। अब तक जिले 42 मरीजों में सभी स्वस्थ हैं।
ओपीडी में बढ़े जुकाम-बुखार के रोगी
मौसम में बदलाव के कारण जिले में जुकाम-बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी व पीएचसी की ओपीडी में गुरुवार को जुकाम-बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई।
जिला अस्पताल में एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी पहुंचे। इसमें 300 से अधिक मरीज जुकाम-बुखार से ग्रसित रहे। ओपीडी कक्षों के बाहर सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन लगी रही।
तमाम मरीज को बिना चिकित्सीय सलाह लिए ही वापस लौट गए और निजी क्लीनिकों में पहुंचकर इलाज करवाया। सीएचसी में भी आधे से अधिक बुखार के रोगी इलाज कराने के लिए पहुंचे। कई सीएचसी में बुखार की दवाओं की किल्लत भी बढ़ गई है।
बेमौसम बारिश से डेंगू व अन्य संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। लोग मच्छरों के साथ ही संक्रामक रोगों से बचने का प्रयास करें। ठंड बढ़ जाने के बाद यह खतरा टल जाएगा। अब तक जिले में डेंगू के 42 केस मिले हैं। इसमें सभी मरीज स्वस्थ हैं।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ