अमेठी जिले के मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र में हुई हिस्ट्रीशीटर श्रीराम की हत्या एक तरफा प्यार के चलते हुई थी। एएसपी राममूरत ने रविवार को डलमऊ कोतवाली में इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने का दवा करते हुए बताया कि पुलिस ने वारदात में शामिल महिला, उसके पति और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
महिला ने मायका बुलाकर प्रेमी को मौत के घाट उतारा। डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के गोलहा बाद मजरे तेरुखा गांव निवासी एवं हिस्ट्रीशीटर श्रीराम की पत्नी कुसुम ने 29 जनवरी को को हत्या की आशंका जताते हुए डलमऊ कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर घटना की जांच कर रही थी।
12 फरवरी को अमेठी जिले के पिंडारा ठाकुर में सिवान में स्थित एक कुएं में उसका शव मिला था। डलमऊ पुलिस ने वहीं से चार संदिग्ध लोगों को उठाया। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो घटना का खुलासा हो गया। एएसपी राममूरत ने बताया कि आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की हत्या की बात कबूल की।
मृतक गांव की ही सोनी पत्नी रोहित से प्यार करता था। पर सोनी उससे प्यार नहीं करती थी। इस पर मृतक धमकी दे रहा था कि प्यार न करने पर वह उसके बेटे का अपहरण कर हत्या कर देगा। इससे परेशान महिला और उसके पति ने हिस्ट्रीशीटर को रास्ते हटाने के लिए रणनीति तैयार की।
आरोपी महिला अपने मायके अमेठी जिले के पिंडारा ठाकुर चली गई। 6 फरवरी को श्रीराम को वही बुला लिया। वहीं पर चाय में पहले नशीली दवा पिलाई। उसके बाद पति समेत चार लोगों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस टीम ने सोनी, उसके पति रोहित, हिमांशु जायसवाल, मो. राशिद को गिरफ्तार कर लिया।
एएसपी राममूरत ने बताया कि श्रीराम की हत्या के लिए 70 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी। हिमांशु जायसवाल और मो.राशिद ने श्रीराम की हत्या के लिए 70 हजार में सौदा तय हुआ था। रोहित ने सात हजार रुपये पहले दे दिए। 63 हजार रुपये काम होेने के बाद देने की बात कही थी।