जायस कोतवाली क्षेत्र में सोमवार रात खून का रिश्ता तार-तार हो गया। तीन बड़े बेटों ने पिता को पीट-पीटकर मार डाला और उनका शव तालाब में फेंक दिया गया। बेटों ने वारदात को महज इसलिए अंजाम दिया कि पिताने जमीन बेचकर सबसे छोटे बेटे का घर बनवा दिया था। सुबह तालाब में शव मिलने से क्षेत्र में दहशत फैल गई।
पिटाई इस कदर की गई थी कि शरीर काला पड़ गया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। छोटी बहू की तहरीर पर तीनों आरोपी बेटों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
जायस कोतवाली क्षेत्र के मुबारकपुर मुखतिया निवासी मो. शाकिर (55) की राजीव गांधी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट बहादुरपुर के पास उसकी साइकिल की दुकान है। शाकिर अपने सबसे छोटे बेटे नूर मोहम्मद के साथ रहता था। नूर मोहम्मद सऊदी अरब में रहता है, जबकि उसकी पत्नी मोमिना गांव में परिवार के साथ रहती है।
सोमवार देर शाम शाकिर के तीनों बड़े बेटे उसको बाइक पर बैठाकर कहीं ले गए। इसके बाद शाकिर का कोई पता नहीं चला। रात में वह घर भी नहीं पहुंचा। सुबह यूको बैंक बहादुरपुर के पास तालाब में शाकिर का शव मिलने से सनसनी फैल गई।
सूचना मिलने पर जायस कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और लोगों से पूछताछ की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शाकिर का पूरा शरीर काला पड़ गया था। इससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी बेरहमी से पिटाई करके मौत के घाट उतारा गया।
वारदात के बाद मृतक की बहू मोमिना ने अपने जेठ मो. फैज, मो. सैफ और मो. आस के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। आरोप लगाया कि तीनों ने ससुर शाकिर का पहले अपहरण किया और फिर हत्या कर शव तालाब में फेंक दिया। केस दर्जकर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
एसपी अमेठी संताेष कुमार ने बताया कि शाकिर ने अपनी पांच बिस्वा जमीन बेचकर छोटे बेटे नूर मोहम्मद का घर बनवा दिया था। यह बात उसके तीनों बड़े बेटों को अखरती थी। इसी वजह से उसकी हत्या की गई है। केस दर्ज करा दिया गया है। हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।