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विक्षिप्त युवती के साथ फिर दरिंदगी, दोबारा बनी मां

Thu, 06 Apr 2017 12:18 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
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rape - फोटो : getty images
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खीरों थाना क्षेत्र में कुछ लोगों ने अपनी हवस मिटाने के लिए इंसानियत को भी तार-तार कर दिया। मानसिक रूप से बीमार एक दलित युवती के साथ एक बार फिर दरिंदगी की गई। इससे निशक्त युवती दूसरी बार मां बन गई। एक साल पहले भी उसे हवस का शिकार बनाया गया था और उसने एक बच्चे को जन्म दिया था। मंगलवार सुबह पीड़िता ने गड़रहन खेड़ा मजरे ऐंधी गांव में एक बेटी को जन्म दिया।
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ग्रामीण महिलाओं ने उसे खून से लथपथ नवजात शिशु के साथ देखा तो उनके होश उड़ गए। एंबुलेंस से उसे सीएचसी पहुंचाया गया। जहां पर जच्चा-बच्चा स्वस्थ बताए जा रहे हैं। एसपी ने कहा कि मामला गंभीर है। कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीओ ने तो घटना की जानकारी से इंकार कर दिया। खीरों थाना क्षेत्र के गांव की रहने वाली 25 वर्षीय दलित युवती मानसिक रूप से बीमार और बाएं हाथ से निशक्त है।

लगभग दो वर्ष पूर्व उसकी मां की मौत हो चुकी है। बड़ी बहन की शादी उन्नाव जिले में हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक पीड़िता का पिता नशे में धुत इधर-उधर घूमता रहता है। मानसिक रूप से बीमार होने के कारण पीड़िता कई वर्षों से इधर-उधर भटक रही थी। इसी दौरान दरिंदों ने उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला, जिससे वह गर्भवती हो गई। सोमवार रात लगभग आठ बजे भटकती हुई युवती गड़रहन खेड़ा गांव पहुंची। ग्रामीणों ने उसे सहारा दिया और खाना खिलाया।  
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मंगलवार सुबह लगभग चार बजे उसने इसी गांव में सड़क पर एक बेटी को जन्म दिया। सुबह खेत के लिए निकली गांव की एक दलित विधवा महिला अमाला ने उसकी नवजात बेटी और पीड़िता की मदद की। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की। ग्रामीणों की मदद से महिला ने पीड़िता और नवजात बेटी को सीएचसी खीरों पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। होश में आने के बाद पीड़िता ने बताया की कई बार दरिंदों ने उसे हवस का शिकार बनाया।

उसने एक वर्ष पूर्व भी सीएचसी खीरों में एक बेटे को जन्म दिया था। किसी अज्ञात निसंतान दंपति ने उस नवजात बेटे को गोद ले लिया था और उसकी परवरिश हो रही है, लेकिन दरिंदों ने फिर से उसे बिन ब्याही मां बना डाला। गड़रहन खेड़ा की रहने वाली विधवा अमाला देवी पुत्री का लालन-पालन करना चाहती है। अमाला देवी के अनुसार अपने बेटों की सूनी कलाई में राखी बंधवाने के लिए अपनी भतीजी को पास में रखा था, लेकिन उसके बड़े होने पर उसके पिता ने पुत्री को वापस ले लिया, जिससे वह पुत्री का लालन पालन करना चाहती है।

उसने ग्रामीणों के सामने इस नवजात बेटी को गोद लेने का प्रस्ताव रखा। थानेदार रवींद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही बच्ची को इच्छुक महिला को सौंपा जाएगा, जिससे बच्ची को भविष्य में कोई परेशानी न हो। खीरों के सीएचसी अधीक्षक डॉ. यूसी वर्मा का कहना है कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। उनकी देखभाल की जा रही है। प्रसव के बाद जो इलाज की व्यवस्था की जाती है, उसकी पूरी प्रक्रिया करने के बाद ही जच्चा-बच्चा को घर भेजा जाएगा।

यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। वहीं सीओ लालगंज वरुण कुमार से जब घटना की जानकारी के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि घटना की जानकारी नहीं है। एसपी अब्दुल हमीद का कहना है कि निशक्त दलित युवती के साथ हुई दरिंदगी की घटना की जानकारी हुई है। मामला गंभीर है। इस मामले में अज्ञात में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही आरोपियों को चिह्नित कराया जाएगा। उसे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
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