अमेठी जिले के शिवरतगंज थाना क्षेत्र में रामजानकी मंदिर से राम, लक्ष्मण और सीता की प्राचीन मूर्तियों की चोरी की घटना का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने तीन चोरों को गिरफ्तार कर राम और लक्ष्मण की मूर्तियां बरामद की है।
इन मूर्तियों को लोगों की नजरों से छिपाने के लिए खेत में गड्ढा खोद कर दबा दिया गया था। तीसरी मूर्ति भी दिल्ली से बरामद हो गई है। बुधवार को अमेठी एसपी हीरालाल ने मुख्यालय में चोरी की घटना का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि सेमरौता स्थित रामजानकी मंदिर में 25 जनवरी की रात चोरी हुई थी।
सेमरौता गांव के ही मजरे बसंतपुर के रहने वाले प्रहलाद, श्यामू, हरिकेश और सुनील ने वारदात को अंजाम दिया था। मंदिर से चोरी के बाद राम और लक्ष्मन की मूर्तियां तो प्रहलाद ने अपने खेत में गड्ढा खोद कर मिट्टी में दबा दी थी। वहीं सीता की मूर्ति लेकर उसे बेचने के लिए सुनील दिल्ली चला गया था।
एसओ दिनेश यादव ने प्रहलाद को पकड़ कर कड़ाई के साथ पूछताछ की तो उसने सभी आरोपियों के नाम कबूल दिए। इसके बाद श्यामू और हरिकेश को गिरफ्तार कर लिया गया। सुनील की तलाश में टीम दिल्ली भेजी गई थी, जहां उसे मूर्ति मिल गई है। सुनील को भी पकड़ लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी सुनील के पिता साहबशरण को घटना की जानकारी थी। शराब के नशे में चूर साहबशरण चौराहे पर खड़ा होकर कह रहा था कि भगवान उनकी मुट्ठी में हैं। जब चाहे तो मूर्तियां मिल जाएं। यह सुनते ही ग्रामीणों को उस पर शक हुआ।
सूचना पुलिस तक पहुंची और पुलिस ने साहबशरण को उठा लिया। पुलिस ने साहबशरण पर शिकंजा कसा तो चोरों व मूर्तियों का पता चल गया। थानेदार दिनेश सिंह ने बताया कि माता सीता की मूर्ति लेकर दिल्ली गए सुनील की तलाश में टीम भेजी गई थी।
टीम न सिर्फ आरोपी को पकड़ने में सफल रही, बल्कि सीता जी की मूर्ति को भी बिकने से रोका। देर शाम टीम आ गई। एसपी के घटना के खुलासे के समय तक तीसरी मूर्ति व आरोपी नहीं आ पाया था। एसओ ने बताया कि अब चोरी गई सभी तीनों मूर्तियों को कानूनी प्रकिया पूरीकरने के बाद स्थापित कराया जाएगा।
चोरी गई मूर्तियों की बरामदगी के बाद भक्तों की खुशी की ठिकाना नहीं रहा। वैसे तो साल में एक बार ही दीवाली मनाई जाती है, लेकिन सेमरौता के ग्रामीणों ने बुधवार को मूर्तियां मिलने की खुशी में दीवाली मनाई। सभी ने घर मोमबत्तियों और दीपों से रोशन किए।
पटाखे फोड़े और गोले दगाए। गिरीश बाजपेई, राम मनोहर पांडेय, लक्ष्मीकांत पांडेय, गोपी, अरुण मिश्र आदि ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना की। साथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की मांग भी की।