रायबरेली। लखनऊ-इलाहाबाद हाईवे पर बने अवैध कांप्लेक्स को शनिवार को भी ढहाया नहीं जा सका। बिल्डर के हंगामे व विरोध के बीच आरडीए की टीम करीब एक घंटे तक अवैध कांप्लेक्स को गिराने का प्रयास करती रहीं लेकिन दो जेसीबी मशीनें भी भवन को जमींदोज नहीं कर सकी।
अब बड़ी मशीन को मंगवाकर अवैध भवन को गिरवाया जाएगा। इस भवन को चार मई को भी गिराने का प्रयास किया गया था। प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने भवन को गिराने का आदेश दिया था।
शहर में हाईवे के किनारे नील कुमार गुप्ता और मो. मोबीन व महमूद के बीच जमीन व भवन को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है। मामले में कोर्ट ने भवन को गिराने के आदेश दिए थे।
चार मई को आरडीए व जिला प्रशासन की टीम ने भवन को गिराने का प्रयास किया था, लेकिन जेसीबी भवन को नहीं गिरा सकी थी।
पिछले सप्ताह जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने यहां समीक्षा की थी। मंत्री के सामने भी अवैध निर्माण का मामला उठा था। मंत्री ने भवन को गिरा कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे।
शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट सीपी पांडेय, आरडीए के अधिशासी अभियंता बीपी मौर्या, एई, एम अहमद, जेई सुनील त्यागी, रबीश अग्रवाल, धनेश कुमार, एमके शर्मा की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंच गई।
सदर कोतवाली पुलिस भी पहुंचीं। बुलडोजर ने जैसे ही अवैध कांप्लेक्स को गिराने का काम शुरू किया, बिल्डर अपने साथियों संग पहुंच गया और हंगामा करने लगा लेकिन अवैध निर्माण ध्वस्त करने का काम बंद नहीं हुआ।
करीब एक घंटे तक दो-दो जेसीबी मशीनों ने भवन को गिराने का प्रयास किया, लेकिन पिलरों को ही गिराया जा सका। इसके बाद जेसीबी वापस लौट गई।
हाईकोर्ट के आदेश पर पहले ही कांप्लेक्स को गिरवाने का काम किया गया था। मंत्री के निर्देश पर शनिवार को भी उसे गिरवाने का प्रयास किया गया। बड़ी मशीन मंगवाकर पूरे भवन को गिरवाया जाएगा।
एके राय, सचिव, आरडीए