रायबरेली। अमृत योजना के तहत शहर के बस्तेपुर में सीवर लाइन बिछाने के कार्य में मानक का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। जलनिगम के जेई की जांच में यह खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया। हद तो तब हो गई, जब मानक के विपरीत हो रहे कार्य का विरोध करने पर जेई को जान से मारने की धमकी दे दी गई।
मामले में जेई की तहरीर पर फर्म के प्रतिनिधि के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जेई को धमकी मिलने के बाद जलनिगम के अफसरों में हड़कंप मच गया है। साथ ही कार्य को रोकवा दिया गया।
शहरवासियों को सीवर की समस्या से राहत दिलाने के लिए अमृत योजना के तहत कई फेज में सीवर लाइन बिछाने का कार्य कराया जाना है। इस समय फेज-3 के तहत सीवर लाइन बिछाने का कार्य शुरू करा दिया गया है।
सीवर लाइन बिछाने के कार्य की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था केके स्पन इंडिया लिमिटेड फरीदाबाद को दिया गया है। जलनिगम के जेई ओम प्रकाश गौड़ ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा है कि बस्तेपुर में हो रहे कार्य का निरीक्षण करने गया तो वहां पर मानक के विपरीत होते हुए कार्य पाया गया। इसका विरोध जताया तो फर्म के प्रतिनिधि ने वहां से चले जाने के लिए कहा।
उन्होंने इस बारे में सहायक अभियंता अवध किशोर को भी अवगत कराया। इस पर फर्म के प्रतिनिधि ने अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। तहरीर में फर्म के प्रतिनिधि का नाम नहीं दिया गया है। सीवर लाइन बिछाने के कार्य को बंद करा दिया गया है। कोतवाल अतुल सिंह का कहना है कि जेई की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। जांच कराई जा रही है। मामले में कार्रवाई होगी।
भ्रष्टाचार का शिकार हो गई अमृत योजना
शहर की ढाई लाख आबादी की मंशा थी कि अमृत योजना के तहत सीवर लाइन बिछने के बाद सीवर की समस्या से राहत मिल जाएगी, लेकिन यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। योजना में न सिर्फ घटिया किस्म की पाइपें डाली जा रही हैं, बल्कि खोदाई के दौरान निकलने वाली मिट्टी तक बेची जा रही है।
गोरा बाजार समेत कई स्थानों पर बारिश के बाद पाइप लाइन के पास मिट्टी तक धंस गई है। ठीक तरीके से पाइप लाइन को दबाने के लिए मिट्टी की कुटाई तक नहीं की गई। सड़कों की खोदाई कर दी गई, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार्य बंद करा दिया गया : सनी सिंह
जलनिगम के एक्सईएन सनी सिंह का कहना है कि जेई को धमकाने का मामला जानकारी में आया है। निर्माण कार्य ठप करा दिया गया है। सीवर लाइन का कार्य मानक के विपरीत कतई नहीं होने दिया जाएगा।