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टीईटी से वंचित हुए तो बिलख पड़े अभ्यर्थी, कई केंद्रों पर हंगामा

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गेट बंद हो जाने के बाद हंगामा करते अभ्यर्थी। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में सख्ती इतनी बरती गई थी कि जरा सी कमी और थोड़ी सी देरी ने कई अभ्यर्थियों को मायूस कर दिया। हजार मिन्नतें कीं, फिर भी कोई राहत नहीं मिल सकी।
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परीक्षा से वंचित होने पर कई अभ्यर्थी से बिलख पड़े। शिक्षक बनने की उम्मीदें टूट गईं। इस परीक्षा के लिए काफी लंबा इंतजार किया, लेकिन ऐन वक्त पर छोटी सी चूक ने सपने को चूर कर दिया।
एमजीआईसी, एसजेएस समेत कई केंद्रों पर आक्रोशित अभ्यर्थियों ने हंगामा भी किया, लेकिन अफसरों ने तुरंत पहुंचकर उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।
जिले में 26 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा कराई गई। सुबह कोहरा अधिक था और मौसम भी खराब था, जिससे पहली पाली में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में दिक्कतें आईं।
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परीक्षा शुरू होने से आधे घंटा पहले ही गेट बंद कर दिए गए। इस बारे में अभ्यर्थियों को पहले से बता दिया गया था। कई केंद्रों पर काफी अभ्यर्थी देर से पहुंचे, इस कारण परीक्षा देने से वंचित रह गए। कई अभ्यर्थियों को दस्तावेज अधूरे होने पर प्रवेश नहीं मिला। हालांकि इस तरह की समस्या दूसरी पाली में नहीं आई।
महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में करीब 40-45, एसजेएस स्कूल में लगभग 30-35 अभ्यर्थी केंद्र के बाहर नाराज दिखे। आक्रोशित अभ्यर्थियों ने नारेबाजी की तो भनक लगते ही अफसर पहुंच गए।
एसजेएस में एडीएम अमित कुमार, एमजीआईसी में डीआईओएस ओमकार राणा ने अभ्यर्थियों को समझाया और शांत कराया।
एडीएम ने कहा कि जो दिशानिर्देश दिए गए थे, उसका अनुपालन कराया गया। डीआईओएस ने बताया कि अभ्यर्थी देर से पहुंचे थे, जिससे प्रवेश देना संभव नहीं था। कई लोगों के पास डाक्यूमेंट पूरे नहीं थे।
नहीं मिली राहत, मिलना चाहिए मौका
प्रतापगढ़ से आए अंचल विश्वकर्मा काफी आक्रोशित दिखे। बोले कि उनका पेपर करवाया जाना चाहिए। मध्य प्रदेश की रहने वाली आकांक्षा वर्मा ने कहा कि पहले एंट्री दी, फिर मूल दस्तावेज न होने की बात कहकर बाहर कर दिया। अहोरवा भवानी से आई स्मिता शुक्ला की समस्या भी कुछ ऐसी ही रही।
महराजगंज के मो. तौसीफ ने बताया कि उसकी मार्क्सशीट नहीं आई है, लेकिन किसी ने कुछ नहीं सुना और बाहर कर दिया। कोरौली दमा की शबाना खातून, जगतपुर की सर्वेश कुमार, शहर के शशिपाल, बछरावां की मीनाक्षी, अमेठी की रागिनी पांडेय, हरदासपुर की अनामिका गुप्ता, सलोन की निशा सरोज, करहिया बाजार की अनुसुइया आदि के चेहरों पर मायूसी दिखी।
कई लोग तो रो पड़े। इन लोगों ने बताया कि परीक्षा केंद्र पहुंचे तो गेट बंद किया जा रहा था। काफी मिन्नतें कीं, लेकिन गेट नहीं खोला गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि थोड़ी राहत देनी चाहिए थी, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी।
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