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सीएमओ के खिलाफ धरने पर बैठे भाजपा नेता, प्रदर्शन

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रायबरेली। लालगंज सीएचसी में वैध दवाएं जलाने के मामले में कार्रवाई के लिए भाजपा व किसान नेताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में डीएम चैंबर के सामने धरना दिया। भाजपा नेताओं ने सीएमओ को दोषी ठहराते हुए गुस्सा जताया। लालगंज के पूर्व अधीक्षक व अन्य स्टाफ पर कार्रवाई करने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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बीती 28 सितंबर को सीएचसी लालगंज में लाखों रुपये कीमत की दवाएं जलाकर खाक की गई थी। सूचना पर एसडीएम ने पहुंचकर दवाएं सील करवायी थी। धरने पर बैठे भाजपा व किसान नेता रमेश सिंह ने आरोप लगाया कि 30 सितंबर को सीएचसी लालगंज की जांच लखनऊ से आई उच्चस्तरीय टीम करने वाली थी। कमियां छुपाने के लिए बड़ी संख्या में जिन दवाओं की एक्सपायरी डेट तीन-चार महीने बाकी थी उन्हें अस्पताल के पिछले हिस्से में बनाए गए गड्ढे में डालकर जला दिया गया।
जिससे वैध दवाओं को जलाए जाने के सबूतों को नष्ट करने का प्रयास भी किया गया। आरोप लगाया कि सीएमओ दोषी अधीक्षक व अन्य कर्मचारियों को बचाने में जुटे हैं। मामले में जांच कराकर कार्रवाई की जाए। इस दौरान किसान नेताओं ने जमकर प्रदर्शन करके स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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धरने पर बैठक भाजपा नेता संतोष कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि कोरोना संक्रमित मरीजों से रुपये वसूलने के मामले में सील किए गए वृतांता हॉस्पिटल में फिर इलाज शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से अस्पताल को खोला गया है। अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई न की गई तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। अस्पताल को तत्काल बंद कराया जाए। साथ ही विभाग के दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए।
लालगंज सीएचसी में दवाएं जलाए जाने के मामले में सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि दोषियों के खिलाफ शासन को गोपनीय पत्र पहले ही भेज दिया गया है। मामले में शासन स्तर से हीे कार्रवाई होगी। जिसे स्तर पर होने वाली कार्रवाई की जा चुकी है। जहां रही वृतांता हॉस्पिटल की बात तो उसे प्रशासन ने सील कराया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उसे खोला नहीं गया है।
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