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10 दिन में 14 लोग डेंगू की चपेट में

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रायबरेली। जिले में डेंगू का कहर तेजी से बढ़ा गया है। अक्तूबर में 10 दिन में 14 लोग चपेट में आ गए हैं। इनमें शहर के चार मरीज शामिल हैं। खतरा बढ़ने के बाद अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। केस मिलने के बाद गांवों में टीमें भेजकर लोगों की जांच कराई जा रही है। सालभर में अब तक 30 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसके अलावा जिले में बुखार के रोगियों में भी काफी बढ़ोतरी हो गई है।
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कोरोना का कहर थमने के बाद अब जिला डेंगू की चपेट में आ गया है। पिछले महीने तक इक्का-दुक्का डेंगू के मरीज मिल रहे थे लेकिन इस महीने हर रोज संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। शहर के दूरभाष नगर, रानानगर, प्रगतिपुरम और अंबेडकरनगर में डेंगू का एक-एक मरीज मिला है। हालांकि सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
लालगंज के आचार्य नगर और बछरावां के तिलेंडा कस्बा में दो-दो मरीज मिले हैं। इनके अलावा परशदेपुर, भदोखर, खीरों, सरेनी, सतांव और गुरुबख्शगंज में भी डेंगू का एक-एक मरीज मिला है। संक्रमित मरीज मिलते ही टीमों को संबंधित गांवों में भेजकर लोगों की जांच कराई गई।
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जिला मलेरिया अधिकारी रितू श्रीवास्तव ने बताया कि टीमों को मोहल्लों व गांवों में भेजकर संक्रमित लोगों के परिवार के लोगों के सैंपल लिए गए। डेंगू की चपेट में आए सभी लोग ठीक हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में 15 बेड का डेंगू वार्ड व सभी सीएचसी में पांच-पांच बेड के डेंगू वार्ड बनाए गए हैं।
डेंगू और बुखार का कहर बढ़ने के बाद सोमवार को जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी व पीएचसी में भी ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई। जिला अस्पताल में एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचे। इनमें 200 से अधिक मरीज बुखार से ग्रसित रहे। बच्चा वार्ड भी फुल हो गया। ज्यादातर बच्चे बुखार की चपेट में हैं। ओपीडी कक्षों के बाहर सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन लगी रही।
तमाम मरीज बिना चिकित्सकीय सलाह लिए ही वापस लौट गए और निजी क्लीनिकों में इलाज करवाया। सीएचसी में भी आधे से अधिक बुखार के रोगी इलाज कराने के हलिए पहुंचे। कई सीएचसी में बुखार की दवाओं की किल्लत भी बढ़ गई है। डिमांड बढ़ने के बाद पैरासीटामॉल पर्याप्त मात्रा में अस्पतालों को नहीं मिल पा रही है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध हैं। सभी सीएचसी में पांच-पांच बेड के डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। अक्तूबर में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ी है। रैपिड रिस्पांस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।
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