रायबरेली। जिले में पूर्व में उज्ज्वला योजना के तहत फ्री गैस कनेक्शन पाने के बाद भी सिलेंडर न मिलने के मामले में बुधवार को डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा गंभीर दिखे।
उन्होंने योजना के तहत फ्री कनेक्शन पाने वालों की जांच कराने के संकेत देते हुए कहा कि जिन लोगों को पूर्व में सिलेंडर नहीं मिला, उन्हें अब सिलेंडर दिया जाएगा। हालांकि प्रभारी मंत्री के गंभीर होने के बाद ऑयल कंपनियों और आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
उज्ज्वला योजना के तहत पूर्व में जिले में 2,19,545 गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये गए थे। जिले में तमाम ऐसे लाभार्थी हैं जिनके नाम योजना के तहत कनेक्शन तो कर दिया गया है लेकिन गैस सिलेंडर अब तक नहीं मिल सका है। दीनशाह गौरा व डलमऊ क्षेत्र में कठघर स्थित गैस एजेंसी की मनमानी जांच में पकड़ में आने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
अमर उजाला ने 25 अगस्त के अंक में ‘गैस सिलेंडर के लिए भटक रहे उज्ज्वला के 10 हजार लाभार्थी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। बुधवार को उज्ज्वला-2 योजना के तहत गरीबों में फ्री कनेक्शन का वितरण करने वाले डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रेस कान्फ्रेंस में कनेक्शन के बाद सिलेंडर न दिए जान के सवाल पर जांच के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि जिसे भी सिलेंडर नहीं मिला है, उसे सिलेंडर दिया जाएगा। गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।