बछरावां (रायबरेली)। कोरोना टीके को लेकर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के लापरवाह अधिकारियों की कलई उजागर हो गई। क्षेत्र के शेषपुर समोधा गांव में टीकाकरण के लिए 175 लोगों का पंजीयन होने के बाद वैक्सीन न पहुंचने पर ग्रामीण भड़क गए। गुस्साए ग्रामीणों ने स्वास्थ्यकर्मियों को बंधक बना लिया।
करीब चार घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रधान को जीप में बैठाकर थाने ले जाने का प्रयास किया। जब ग्रामीणों ने पुलिस की जीप घेरकर सबको साथ ले चलने का दबाव बनाया तो प्रधान को छोड़ा गया। टीका न लगने पर मायूस होकर ग्रामीण लौट गए।
बुधवार को क्षेत्र के शेषपुर समोधा गांव के गोझवा मनाखेड़ा में कोरोना टीकाकरण शिविर लगाया गया। सुबह साढ़े आठ बजे गांव में मुनादी कराई गई कि गांव में लगे शिविर में पंजीकरण कराकर टीका लगवाएं। जानकारी होने पर उत्साहित लोगों ने शिविर में पंजीयन करवाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में 175 लोगों के पंजीकरण हो गए तो स्वास्थ्यकर्मियों ने वैक्सीन न आने की जानकारी दी।
वैक्सीन न पहुंचने की जानकारी मिलने ही ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कर्मियों शशिकांत, अमन सिंह व शोभित को बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक वैक्सीन नहीं आएगी, आप लोग यहीं रहें। साढ़े तीन बजे तक सैकड़ों लोग शिविर में मौजूद रहे लेकिन वैक्सीन नहीं पहुंची।
इस दौरान हल्का दरोगा अरशद नदीम दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। बंधक बनाए गए तीनों कर्मचारियों को छुड़ाने के बाद शेषपुर समोधा प्रधान गया प्रसाद यादव को पुलिस जीप में बैठाकर थाने ले जाने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस का घेराव कर लिया। ग्रामीणों ने कहा कि हम सब को थाने ले चलो या फिर प्रधान को छोड़ दो।
ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने प्रधान को छोड़ दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके जैसल ने कहा कि आज प्रीलिस्टिंग कार्यक्रम था। वैक्सीन कार्यक्रम आज नहीं था। जिन लोगों की लिस्टिंग हो जाती है, उनको समय देकर बाद में टीकाकरण किया जाता है।