रायबरेली। जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक करीब 44 माह बाद 27 नवंबर को होगी। अमेठी की सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की स्वीकृति मिलने के बाद डीआरडीए ने बैठक कराने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।
दिशा की चेयरपर्सन केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा करेंगी। जिले की सांसद सोनिया गांधी दिशा की बैठक में उपाध्यक्ष के रूप में शामिल हो सकती हैं। हालांकि उनके आने का अभी कोई कार्यक्रम नहीं आया है।
वर्ष 2019 में केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद ग्राम्य विकास मंत्रालय को जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति (दिशा) का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तय करने में दो साल लग गए थे।
मंत्रालय ने सांसद के रूप में दिशा की चेयरपर्सन रहीं सोनिया गांधी को हटाकर अमेठी से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को अमेठी के साथ ही रायबरेली का भी दिशा का चेयरपर्सन बना दिया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन के बाद अब दिशा की बैठक होने की उम्मीद बढ़ गई थी।
पिछले जुलाई में जिला प्रशासन ने दिशा की बैठक करवाने का प्रयास किया था, लेकिन अध्यक्ष का कार्यक्रम न मिल पाने के कारण बैठक नहीं हो सकी थी। अब स्मृति ईरानी ने बैठक के लिए कार्यक्रम तय कर दिया है। 27 नवंबर को बचत भवन में दिशा की बैठक में केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा होगी।
आखिरी बार अप्रैल 2018 में हुई थी बैठक
प्रत्येक तिमाही दिशा की बैठक होनी चाहिए। जिले में अंतिम बार 18 अप्रैल 2018 के बाद दिशा की बैठक नहीं हुई। हालांकि सांसद सोनिया गांधी जिले में कई बार आईं, लेकिन दिशा की बैठक हर बार निरस्त कर दी गई। नवंबर 2018 और 24 जनवरी 2019 को कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद नई सरकार में दिशा का गठन न होने के कारण केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा नहीं हो सकी।
जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति (दिशा) की चेयरपर्सन, अमेठी सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी दिशा ने 27 नवंबर को बैठक कराने की स्वीकृति दी है। बैठक की तैयारियां पूरी हो गईं हैं।
प्रेमचंद्र पटेल, परियोजना निदेशक, डीआरडीए