रायबरेली। एसडीएम सदर ने राजस्व टीम के साथ रविवार को पुलिस लाइंस चौराहे से कुछ दूर स्थित सौरभ स्वीट्स में छापा मारकर अवैध तरीके से रखे गैस सिलेंडर पकड़े।
टीम ने मौके से 52 सिलेंडर बरामद किए। इसमें से 29 भरे व 23 सिलेंडर थे। कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया। मौके पर दुकान संचालक कोई दस्तावेज भी नहीं दिखा सका। मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रविवार दोपहर पुलिस से एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित को सूचना मिली कि सौरभ स्वीट्स में अवैध तरीके से गैस सिलेंडरों का भंडारण किया गया है। इससे रिहायशी इलाके में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सूचना पर एसडीएम ने लेखपाल बाल्हेश्वर त्रिवेदी, देवेश त्रिपाठी, शिवराज चौहान की अगुवाई में छापा मारा। इस दौरान दुकान से 52 सिलेंडर बरामद किए गए। मौके पर संचालक सिलेंडर रखने के कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया।
जानकारी पर पूर्ति विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। जांच में पता चला कि अखंड प्रताप की एजेंसी से भारी संख्या में गैस सिलेंडरों को खरीदा जा रहा था। एजेंसी मालिक भी किस वजह से अवैध तरीके से भंडारण करा रहा था।
इसकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम का कहना है कि अवैध तरीके से गैस सिलेंडरों का भंडारण किया गया था। मामले में सौरभ स्वीट्स के संचालक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैैं। बरामद गैस सिलेंडरों को सीज कर दिया गया है।
चौकी इंचार्ज की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
सौरभ स्वीट्स पर छापामारी के बाद इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। एसडीएम सदर का कहना है कि इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज की सूचना पर सौरभ स्वीट्स छापा मारकर सिलेंडर बरामद किए गए।
सवाल उठता है कि दुकान पर काफी समय से अवैध तरीके से गैस सिलेंडरों का भंडारण किया जा रहा था। अब चौकी इंचार्ज ने प्रकरण की सूचना एसडीएम को दी। उन्होंने इसकी सूचना पहले क्यों नहीं दी। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी हैं।
विभाग बताए, कितने सिलेंडर रखना चाहिए
सौरभ स्वीट्स के संचालक रामविशाल अवस्थी का कहना है कि विभाग बताए कि कितने गैस सिलेंडर रखना चाहिए। गैस सिलेंडर रखने का कोई मानक तय नहीं किया गया था और न ही विभागीय अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी थी। बेवजह मामले में उन्हें फंसाया जा रहा है।