रायबरेली। शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के नाम पर गड़बड़झाला हुआ है। हाल ये है कि फाइलों में ही नालों की साफ-सफाई करा दी गई। नतीजतन न नालों की सूरत बदल पाई और न ही नागरिकों को राहत मिली।
नाले कूड़ा-करकट से पटे हैं। झाड़ियों से नालों का अस्तित्व ही खतरे में है। मामला उजागर होने पर नवागत ईओ ने भुगतान पर रोक लगा दी है। नगर पालिका ने पहली बार नागरिकों को जलभराव से राहत दिलाने के लिए शहर के 10 नालों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी ठेके पर दे दी।
बकायदा टेंडर जारी किया गया। किस नाले पर कितना धनराशि खर्च की जानी, यह तय किया गया। एई और ठेकेदारों की मिलीभगत से नालों की साफ-सफाई में लापरवाही बरती गई।
जेल रोड, सदर कोतवाली, एलआईसी रोड से गुजरने वाले नालों की सफाई कराई ही नहीं गई। इससे बारिश होने पर शहर में जलभराव हो जाता है। लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। दस नालों की सफाई पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए जाने थे।
भुगतान के लिए फाइल भी तैयार कर ली गई। ईओ तक फाइल पहुंचा दी गई। एई और ठेकेदारों ने सोचा कि नए ईओ डॉ.आशीष कुमार सिंह भुगतान ओके कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नालों की सफाई में गड़बड़झाला उजागर होने पर ईओ ने भुगतान पर रोक लगा दी है। इससे हड़कंप मच गया है।
इन नालों की सफाई का दिया गया था ठेका
जेल रोड स्डेटियम के बगल से विकास नगर होते हुए मटिहा रोड पुलिया तक, शिवाजी मोड़ पक्का नाला से आईटीआई कॉलोनी होते हुए बालापुर मोड़ तक सिल्ट सफाई का कार्य, बालापुर मोड़ से भवानी पेपर मिल होते हुए ओवरब्रिज के सामने तक नाला, बदाला मस्जिद से सूरजपुर बंधा तक, जोशियाना पुल से बदाला मस्जिद के सामने तक, बस स्टाप पुलिया से जोशियाना पुुलिया तक, कोतवाली के पास से बस स्टाप पुलिया तक, सुमित पेंट्स से कोतवाली पुुलिया तक, दुर्गा मार्केट के सामने पेट्रोलपंप के सामने से एलआईसी के सामने होते हुए जेल रोड, प्रशिक्षण केंद्रप के सामने से शिवाजी मोड़ तक नाला सफाई का कार्य किया जाना था। इस कार्य को ठेके से कराने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। इन नालों पर अलग-अलग धनराशि खर्च की जानी थी।
भुगतान के लिए फाइल आई थी, लेकिन भुगतान पर रोक लगा दी गई है। जिन नालों की ठेके पर सफाई कराई गई है, उन नालों को पहले चेक किया जाएगा कि साफ-सफाई का काम कराया गया है कि नहीं। इसके बाद ही भुगतान किया जाएगा।
डॉ.आशीष कुमार सिंह, ईओ, नगर पालिका, रायबरेली
किन-किन नालों को ठेका देकर साफ-सफाई का कार्य कराया गया है, इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल नालों को चेक करने के बाद ही भुगतान कराया जाएगा। गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई भी की जाएगी।
युगराज सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट एवं नोडल अधिकारी (नगर निकाय)