रायबरेली। महराजगंज क्षेत्र में पकड़े गए 27 क्विंटल छेना मिठाई में अरारोट की मिलावट की पुष्टि हुई है। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ की जांच रिपोर्ट तीन दिन में ही आ गई है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद एफएसडीए ने जब्त छेने को नष्ट कराने के साथ ही निर्माता व दुकानदार के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। यह छेना मिठाई उन्नाव जिले में तैयार की गई थी और रक्षाबंधन पर महराजगंज क्षेत्र की दुकानों पर बिकने के लिए भेजी गई थी।
रक्षाबंधन पर मिलावटी मिठाई के कारोबार को रोकने के दौरान 17 अगस्त को तड़के एफएसडीए और थुलेंडी पुलिस को बड़ी सफलता मिली थी। जनता ट्रेडर्स उन्नाव जिले में तैयार मिठाई प्लास्टिक के डिब्बों में भरकर ट्रक से लाई गई थी। करीब 8.28 लाख रुपये कीमत की छेना मिठाई प्लास्टिक के 12-12 किलो के 230 डिब्बों में रखी गई थी।
बिकने के लिए मंगवाया गया 27 क्विंटल संदिग्ध छेना जब्त करके एफएसओ अरुण कुमार ने सैंपल जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेज दिया था। छेना लदे ट्रक को थुलेंडी पुलिस चौकी पर खड़ा करवा दिया गया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी इंद्र बहादुर यादव ने बताया कि शुक्रवार को विधि विश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ से छेना मिठाई के नमूने की जांच रिपोर्ट आ गई। नमूना जांच में फेल पाया गया है। छेना में अरारोट मिलाया गया था।
रिपोर्ट आने के बाद मिठाई को नष्ट कराने के साथ ही निर्माता और विक्रेता के खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि लालगंज में गुरुवार को पकड़ी गई मिठाई के सैंपल की जांच रिपोर्ट भी जल्द ही आ जाएगी।
एफएसडीए की टीम ने शुक्रवार को मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान जारी रखा। एफएसओ राजेश तिवारी व अपराजिता तिवारी ने भदोखर में दूधिये राजेश कुमार से दूध का सैंपल लेकर सील किया।
इसके अलावा एफएसओ नितिन कुमार व अमरनाथ की टीम ने सलोन क्षेत्र के रेवहारा में हरकेश की दुकान से बरफी और मिल्ककेक का नमूना लेकर सील किया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी इंद्र बहादुर यादव ने बताया कि तीनों नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।