रायबरेली। कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन ने जेसीआई के सहयोग से सोमवार को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर लगा। रक्तदान करने में लोगों का जोश और जज्बा दिखा। 24 लोग रक्तदान करके महादानी बने। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने फीता काटकर शिविर का शुभारंभ किया।
सीएमएस ने कहा कि शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अमर उजाला की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन करना एक अच्छा कदम है। रक्तदान करना सबसे बड़ा पुण्य जाता है। रक्तदान करने से खून की कमी होने पर मरीजों की जान बच सकती है। सभी को रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से कोई शारीरिक कमजोरी नहीं आती है। रक्तदान करने में किसी तरह का कोई खतरा नहीं होता है। बेहिचक होकर लोग रक्तदान करें। सीएमएस ने रक्तदान करके महादानी बने लोगों को अमर उजाला की ओर से प्रमाणपत्र भी सौंपे।
बुजुर्ग, महिलाएं और युवाओं ने रक्तदान शिविर में हिस्सा लेकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
जेसीआई के पदाधिकारियों ने रक्तदान शिविर में भाग लिया। जेसीआई के अध्यक्ष गोपाल खन्ना और सचिव शालिनी श्रीवास्तव ने कहा कि शहीदों को नमन करने के लिए इससे अच्छा मौका और कोई नहीं हो सकता था। हर किसी को रक्तदान करना चाहिए ताकि किसी मरीज की खून की कमी से सांसें न थमने पाएं।
ब्लड बैंक में तैनात चिकित्सक डॉ. दीपेंद्र सिंह, जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के परामर्शदाता राघवेंद्र सिंह के अलावा स्टाफ राजकुमार, विनय श्रीवास्तव, राजेंद्र व सुनील ने रक्तदान शिविर को सफल बनाने में सहयोग किया।
शहर के गोरा बाजार निवासी सीपी सिंह सेना में सूूबेदार हैं और उनकी तैनाती मौजूदा समय मेरठ में है। कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए सूबेदार की पत्नी वंदना सिंह पीछे नहीं रहीं। उन्होंने रक्तदान में हिस्सा लिया।
उनका कहना था कि हम सबको अपनी सेना पर गर्व होना चाहिए। उन्हीं की वजह से हम सुरक्षित हैं। उनके मान-सम्मान के लिए हमेशा आगे रहना चाहिए। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अमर उजाला की ओर से किया गया प्रयास काबिले तारीफ है।
रक्तदान करके दीपिका खन्ना आठवीं बार महादानी बनीं। उनमें रक्तदान करने का जोश और जज्बा इस कदर रहा कि सावन के पहले सोमवार का व्रत उन्होंने नहीं रखा। दीपिका कहती हैं कि रक्तदान सबसे बड़ा दान माना जाता है।
पहले भी वह रक्तदान कर चुकी हैं लेकिन शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित रक्तदान शिविर की जानकारी हुई तो उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने व्रत न रखकर रक्तदान शिविर में हिस्सा लिया। हर किसी को रक्तदान करना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज को खून मिल सके और उसकी जान बच सके।
रक्तदान करके बने महादानियों में वंदना सिंह, अमित, रामकरन, हर्ष, ललितेश, अमित श्रीवास्तव, राजकरन, जितेंद्र, विनय कुमार, धर्मेश कुमार, सुधीर मिश्रा, कुलवंत सिंह, गुलाम अहमद सिद्दीकी, दीपिका खन्ना, प्रेम प्रकाश, अमन सिंह, रामसमर, प्रवीण कुमार, विनय कुमार, ओम प्रकाश, रामशंकर, देशराज, चंद्रशेखर, राजेश कुमार शामिल हैं।
रक्तदान शिविर में हिस्सा लेने वाले युवाओं का कहना रहा कि उन्हें सेना के जवानों पर फक्र है। उनकी वजह से ही हम आज सुरक्षित हैं। रक्तदान करके शहीदों को श्रद्धांजलि देने का मौका मिला, इससे बढ़कर हमारे लिए और क्या हो सकता है। ललितेश सिंह, अमन सिंह, आलोक यादव, कुलवंत सिंह ने रक्तदान किया और कहा कि सेना के जवान सरहद पर तैनात रहकर सीमाओं की रक्षा करते हैं।
हमारा फर्ज बनता है कि हम भी उनके लिए कुछ न कुछ करें। कुछ नहीं तो रक्तदान करके कारगिल में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि तो दे ही सकते हैं। देशराज ने पांचवीं बार रक्तदान किया। चंद्रशेखर और धर्मेश कुमार व गुलाम अहमद सिद्दीकी ने भी रक्तदान किया और कहा कि हमें गर्व है कि हम भी इस खास मौके के गवाह बने।