रायबरेली। प्रदेश सरकार की घोषणा के पहले ही जिले के गन्ना किसानों का 13 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। इससे यहां के किसानों के सामने भुगतान को लेकर कोई परेशानी नहीं है। समय पर पैसा मिल जाने के कारण किसानों का रुझान गन्ने की खेती की तरफ बढ़ रहा है।
दरियापुर स्थित चीनी मिल की बंदी के बाद जिले के किसानों का गन्ना हैदरगढ़ चीनी मिल बाराबंकी भेजा जाता है। इस बार 2125 किसानों का चार लाख 11 हजार 72 क्विंटल गन्ना चीनी मिल भेजा गया था। किसानों को भुगतान के लिए चीनी मिल के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए 13 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है।
यह हाल तब है, जब प्रदेश सरकार ने किसानों का भुगतान हर हाल में करने के निर्देश दिए हैं लेकिन यहां पहले ही किसानों के खाते में रकम पहुंचा दी गई है।
वैसे तो जिले के सभी ब्लॉकों में कुछ न कुछ किसान गन्ने की खेती करते हैं लेकिन मौजूदा समय में सरेनी ब्लॉक क्षेत्र में सबसे ज्यादा गन्ने की खेती की जा रही है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल जिले में 1443 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती गई थी।
इस बार 1796 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती गई है। राही, सलोन, ऊंचाहार, खीरों व सतांव आदि क्षेत्रों में गन्ने की खेती की गई है। हालांकि सरेनी क्षेत्र में इस बार सबसे ज्यादा गन्ने की खेती की गई है।
जिला गन्ना अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि जिले के 2125 किसानों के चार लाख 11 हजार 72 क्विंटल गन्ने की आपूर्ति हैदरगढ़ चीनी मिल की गई थी। प्रदेश सरकार की घोषणा के पहले ही इन किसानों का 13 करोड़ रुपये का भुगतान चीनी मिल ने कर दिया है। जिले में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ रहा है। सरेनी क्षेत्र के किसानों में सबसे ज्यादा गन्ने की खेती करने का रुझान दिखा है।