रायबरेली। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से कराई जा रही अंक सुधार परीक्षा में सोमवार को सचल दलों ने खूब दौड़ लगाई। मंडलीय सचल दस्ता भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए पहुंचा।
हाईस्कूल का आखिरी पेपर गणित का पहली में कराया गया, जिसमें 437 परीक्षार्थियों में से 116 ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की परीक्षा हुई। इंटरमीडिएट की परीक्षा 6 अक्तूबर को समाप्त होगी। प्रयोगात्मक परीक्षा 7 एवं 8 अक्तूबर को होगी।
यूपी बोर्ड की अंक सुधार परीक्षा के लिए जिले के 1095 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। नकल विहीन परीक्षा कराने के मकसद से हर केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात हैं। जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट भी बनाए गए हैं। जिला स्तर पर छह सचल दस्तों का गठन किया गया है।
सोमवार को पहली पाली में हाईस्कूल का गणित का पेपर होने के कारण अफसरों के साथ सचल दलों ने भी दौड़ लगाई। लखनऊ से मंडलीय सचल दस्ता भी यहां आया। पहली पाली में 437 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 321 ने उपस्थिति दर्ज कराते हुए परीक्षा दी, जबकि 116 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में भौतिक विज्ञान की परीक्षा कराई गई।
पहली पाली में परीक्षार्थियों की सर्वाधिक संख्या सलोन तहसील क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों में रही, जिससे सचल दलों की निगाहें इसी क्षेत्र में लगी रही। जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा ने सदर तहसील क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार के नेतृत्व में मंडलीय सचल दस्ते ने दोनों पालियों में जीजीआईसी बछरावां, जनपद इंटर कॉलेज हरचंदपुर, जीजीआईसी महराजगंज में बने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। शहर के जीआईसी में बने संकलन केंद्र और जीजीआईसी में बने कंट्रोल रूम को भी देखा। डीआईओएस ने बताया कि परीक्षाएं नकल विहीन, पारदर्शी एवं सीसीटीवी की निगरानी में कराई जा रही हैं।