मुलायम सिंह का गढ़ कहे जाने वाले इटावा जिले में सीओ सिटी की पिटाई का मामला सामने आया है।
एक घर में आग लगने के काफी देर बाद दमकल कर्मचारियों के घटनास्थल पर पहुंचने से गुस्साए लोगों ने सीओ सिटी पर हमला कर दिया।
सीओ सिटी की पिटाई होते देख उनका गनर व साथ आए पुलिस वाले भाग खड़े हुए। गांव वालों का गुस्सा इतने पर भी नहीं थमा, उन लोगों ने घटना की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ भी हाथापाई की।
बाद में गांव के ही कुछ संभ्रांत लोगों ने सीओ को बचाया और भीड़ के चंगुल से मुक्त कराकर वहां से निकाला। बताते हैं कि सीओ ने घटना की जानकारी बड़े अफसरों को भी नहीं दी।
चैनलों में खबर चलने के बाद लखनऊ में हड़कंप मचा तब जिले के उच्चाधिकारियों को जानकारी हुई। एसएसपी राजेश मोदक ने बताया कि पूरे मामले की जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
दमकल कर्मियों के रवैये पर फूटा गुस्सा
इटगांव में रविवार रात सत्य किशोर गुप्ता के घर में खाना बनाते समय आग लग गई थी। इसमें उसकी पत्नी बेबी गुप्ता की जलने से मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे सत्य किशोर की आगरा ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
सूचना पर सीओ सिटी राजवीर सिंह मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष सिविल लाइन आनंद सिंह भी फोर्स के साथ वहां मौजूद थे। फायर ब्रिगेड की गाड़ी के न पहुंचने से लोगों में गुस्सा बढ़ रहा था। घटना के काफी देर बाद तक फायर ब्रिगेड के न पहुंचने पर लोगों का गुस्सा भड़क उठा।
इसी बीच फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। पानी खत्म होने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी पानी भरने चली गई। काफी देर तक लौट कर नहीं आई तो लोग क्रोधित हो उठे और सीओ व एसओ की गाड़ी की ओर बढ़ गए।
आक्रोशित लोगों को आता देख गाड़ी में बैठे चालक अपनी-अपनी गाड़ियों को भगा ले गए। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। तभी किसी ने कहा कि सीओ दूसरी ओर खड़े हैं तो गुस्साए लोग उस ओर चल दिए। वहां पहुंचकर सीओ से नाराजगी जताने लगे।
सीओ ने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, तभी आक्रोशित लोग उन पर टूट पड़े। लात-घूंसों से उनकी जमकर पिटाई कर दी। सीओ को पिटता देख अन्य पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए।
एफआईआर दर्ज
सीओ सिटी राजवीर सिंह को पीटने वालों के खिलाफ सोमवार देर शाम मामला दर्ज कराया गया। मामले में सात लोग नामजद किए गए जबकि 50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।